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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 21 Jan 2022 5:37 PM |   1274 views

महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों के प्रति रहें सजग- न्यायाधीश शिवेन्द्र

देवरिया- आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान महिलाओं एवें बच्चों के अधिकारों के प्रति वन स्टाप सेण्टर में आम जन-मानस को जागरूक किया गया।

सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/प्रभारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया न्यायाधीश शिवेन्द्र कुमार मिश्र द्वारा बताया गया कि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों का संरक्षण किया जाना चाहियें।

उन्होंने कहा कि बच्चों को चार अधिकार प्रदान किये गयें हैं जिसमें जीवन जीने का अधिकार, संरक्षण का अधिकार, सहभागिता का अधिकार तथा विकास का अधिकार हैं। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों के बारें में कहा कि उन्हें स्वतंत्रता और समानता का अधिकार, नारी की गरिमा का अधिकार, घरेलू हिंसा का कानून, दहेज निवारक कानून, नौकरी/स्वव्यवसाय करने का अधिकार, प्राण एवं दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार एवं संपत्ति का अधिकार जैसे अनेकों अधिकार प्राप्त हैं।

उन्होंने जिला बाल संरक्षण अधिकारी जयप्रकाश तिवारी को निर्देशित करते हुये कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में सड़कों पर गुजर-बसर करने वाले निराश्रित बच्चों की पहचान कर, निराश्रित बच्चों के लिए सर्दी व कोरोना की समस्या को देखते हुये स्वैक्षिक संगठनों की सहायता से उनके पुनर्वास हेतु आश्रय गृहो में स्थानान्तरित करने के लिए तत्काल कदम उठाए।

उन्होंने केंद्र प्रबंधक वन स्टाप  सेंटर नीतू भारती को निर्देशित करते हुये कहा कि महिला एवं बच्चों जिनकों विधिक सहायता की आवश्यकता हो, चिन्हित कर अधिक से अधिक संख्या में मामलों को कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया में संदर्भित करें ताकि उनकों विधिक सहायता दी जा सकें।

उन्होंने बताया कि बालिकाओं के साथ भेदभाव एक महत्वपूर्ण समस्या हैं जो शिक्षा, पोषण, कानूनी अधिकार, चिकित्सा देखभाल, सुरक्षा, सम्मान, बाल विवाह आदि में असमानता जैसे कई क्षेत्रों में फैली हुई हैं। उन्होंने वन स्टाप सेण्टर में गठित कमेटी को निर्देशित करते हुये कहा कि महिलाओं से संबंधित मामलों को शीर्ष पर रखा जायें तथा तुरंत इनके मामलें में कार्यवाही करते हुये उस मामलें का निस्तारण किया जायें। इस दौरान उन्होंने बताया कि ऐसे मामलें जो पति-पत्नी से संबंधित हो तथा जिसमें किसी तरह का विवाद का हो गया हो और उसमें दोनों पक्ष मामले का निस्तारण कराना चाहते हैं तो वह अपने द्वारा एक प्रार्थना पत्र कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया में प्रस्तुत कर अपने मामलें का निस्तारण करा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में 22 जनवरी  को वैवाहिक विवाद प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों के निस्तारण हेतु आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत को उच्च न्यायालय इलाहाबाद तथा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुये स्थगित कर दी गयी हैं जिसके निमित्त पुनः तिथि निश्चित होने पर पक्षकारों को सूचित किया जायेगा।

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