Tuesday 22nd of September 2026 11:53:05 PM

Breaking News
  • मुख्यमंत्री योगी का ऐलान-एक लाख सरकारी नौकरी का प्लान |
  • लखनऊ में 11 एमएलसी सीटों पर चुनाव की अधिसूचना जारी|
  • अप्रैल -मई तक भारत की बुलेट ट्रेन पटरियों पर उतारने का लक्ष्य -रेल मंत्री
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 19 Oct 5:17 PM |   1314 views

बेमौसम बरसात से सभी फसलों को नुकसान

बलिया -मौसम विभाग की भविष्यवाणी  के अनुसार 17 अक्टूबर से लगातार या रूक रूक कर मध्यम या भारी बर्षात का सिलसिला जारी है। जो अभी बुधवार तक होने की संभावना है।
 
आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव बलिया के अध्यक्ष प्रोफेसर रवि प्रकाश मौर्य ने  बताया कि कोई भी फसल तैयार करने में किसानों को खुन पसीना एक करना पड़ता है। अर्थात काफी मेहनत करनी पड़ती है।  मौसम के बदलते परिवेश में जब पानी की आवश्यकता होती है  तो सुखा पड़ रहा है, जब नहीं होती तो बर्षा हो रही है।  इस बैमौसम  बरसात से ,धान की अगैती प्रजातियां जो पक कर तैयार है उसे नुकसान होगा , जो धान की फसल  काट कर खेत में  पड़ा है  उसे भी नुकसान होगा।
 
काटी  हुई फसल को मेड़ पर या ऊचे  स्थान पर रखे। तेज हवा के कारण  कुछ धान की प्रजातियाँ गिर गई है। अरहर की फसल को भी क्षति पहुंचेगी, उर्द मूग जो पक कर तैयार है उसकी तोड़ाई, कटाई एवं मडा़ई में काफी कठिनाई होगी।
 
बर्षा के कारण कीट एवं बीमारियों के प्रकोप की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में फसलों की दैनिक निगरानी करते रहना चाहिए। तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सलाह लेकर  दवाओं का  प्रयोग करना चाहिए।
 
सरसों ,चना ,मटर, मसूर , आलू आदि की बोई गई फसलों को नुकसान होगा क्योंकि पौधे अभी ठीक से जमीन भी नही पकड़े होगे। इन फसलों की बुआई में भी बर्षा के वजह से बिलम्ब होगा। सब्जियों की नर्सरी जो किसान डाले थे उसमें लगातार बर्षा के कारण  गलन रोग प्रारंभ हो गयी है। इसकी सुरक्षा के लिए  ट्राईकोडर्मा 5 ग्राम को प्रति लीटर पानी मे घोल कर जडो़ को तर कर दे ।
 
जो  किसान खेतों में टमाटर ,फूलगोभी, मिर्च आदि लगाये  है वे भी लगातार बर्षा से प्रभावित होगी । खडी़ फसलों के खेत  से यथा शीध्र पानी निकालते रहे। इस बर्षात से पपीता के भी पौधै प्रभावित हो रहे है ,उकठा बीमारी का प्रकोप होने पर ट्राईकोडर्मा  10 ग्राम प्रत्येक पौधे की जड़ो में डाले। पत्तियों मे मुजैक बीमारी से बचने के लिए  ईमिडाक्लोप्रिड 1 मिली को 3 लीटर पानी मे घोल कर पत्तियों पर छिड़काव करे।
 
बर्तमान में अधिकतम् तापमान 23.5 डि.सेग्रे है जो समान्य से.3.5 डि.से.ग्रे. कम है,  न्यूनतम तापमान 23.5 डि.से.ग्रे.  है जो ,समान्य से  3.5 डि.से.ग्रे. ज्यादा है। अगले 24 घंटे में हल्के से मध्यम बादल छाये रहने एवं हल्की से मध्यम बर्षा होने  की संभावना मौसम विभाग ने ब्यक्त किया है।
 
ऐसे में किसानों को  सदैव सचेत रहना चाहिए, तथा मौसम सम्बंधित जानकारी हेतु  डी.डी.किसान, आकाशबाणी से मौसम सम्बंधित समाचार आवश्य  रूप से सुनाना चाहिए। यदि बरसात का क्रम ऐसे ही जारी रहा तो ठंडक अपनी गति पकड़ लेगा।
Facebook Comments