Wednesday 22nd of July 2026 03:28:26 AM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 25 Oct 2020 3:19 PM |   727 views

राजनाथ ने अहम सैन्य अड्डे पर ‘शस्त्र पूजा’ की

नयी दिल्ली-  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को दशहरा के मौके पर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एक अहम सैन्य अड्डे पर शस्त्र पूजा की। इस सैन्य केंद्र पर सिक्किम सेक्टर में चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) की रक्षा की जिम्मेदारी है।

जब रक्षा मंत्री भारतीय सेना की 33 कोर के सुकना स्थित मुख्यालय में पूजा कर रहे थे, उस समय सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे तथा सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि सिंह को सिक्किम में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास ऊंचाई वाले सीमावर्ती इलाके शेरथांग में पूजा करने का कार्यक्रम था, लेकिन वह खराब मौसम की वजह से वहां नहीं जा सके।

रणनीतिक तौर पर अहम सैन्य अड्डे पर सिंह ने ऐसे समय शस्त्र पूजा की है जब भारत और चीन के बीच बीते पांच महीने से पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में गतिरोध चल रहा है। गतिरोध का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि भारत तनाव को खत्म करना और शांति बहाल करना चाहता है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारत के सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के लिए समर्पित हैं और वे देश की भूमि का एक इंच भी किसी को लेने नहीं देंगे।

उन्होंने कहा, ” भारत तनाव खत्म करना और शांति बहाल करना चाहता है। मुझे पूरा यकीन है कि हमारी सेना भारत की एक इंच भी भूमि अन्य के हाथों में नहीं पड़ने देगी। सिंह दशहरा पर पिछले कई साल से शस्त्र पूजा कर रहे हैं। उन्होंने राजग की पिछली सरकार के कार्यकाल में गृह मंत्री रहने के दौरान भी यह पूजा की थी।

भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के मद्देनजर बहुत ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित एलएसी पर सतर्क है। दोनों पक्षों ने इस गतिरोध को खत्म करने के लिए राजनयिक और सैन्य स्तर की वार्ताएं की हैं लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली। रक्षा मंत्री शनिवार को 33वीं कोर के सुकना स्थित मुख्यालय पहुंच थे।

जवानों के एक समूह को शनिवार शाम को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा था कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन समय-समय पर ऐसे हालात पैदा हुए जब देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए उसके सशस्त्र बलों को सर्वोच्च बलिदान देना पड़ा।

रक्षा मंत्री ने सैन्य अड्डे पर उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सेना की तैयारियों की समीक्षा भी की।

Facebook Comments