Thursday 6th of August 2026 08:07:39 PM

Breaking News
  • उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को मिलेगी निःशुल्क यात्रा सुविधा |
  • उत्तर प्रदेश के 13 आईएस का स्थानान्तरण|
  • असम में बाढ़ राहत तेज |
  • गाजियाबाद में 12 अगस्त तक स्कूल बंद |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 20 Sep 1:40 PM |   739 views

धान की फसल में स्वास्थ्य प्रबंधन आवश्यकः प्रो. मौर्य

बलिया – आचार्य नरेन्द्र देव कृषि ए्वं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र  सोहाँव बलिया के अध्यक्ष प्रो. रवि प्रकाश मौर्य ने धान की खेती करने वाले कृषकों  को समसामयिक सलाह देते हुए बताया कि इस समय पूर्वाच्चल  में धान की फसल मे तना छेदक कीट , जीवाणु  झुलसा व शीथ ब्लाइट  रोग का प्रकोप  छिटफुट हो रहा है ।धान मे बालियां निकल रही है। कीट व रोग की पहचान व  प्रबंधन की जानकारी अवश्य रखना चाहिए, जिससे समय रहते उस पर काबू पा सके।   
 
तना छेदक कीट की मादा  धान की पत्तियों पर  समूह में अण्डा देती है ।अण्डों से सूडियाँ निकल कर  तनों में घुसकर  मुख्य गोभ को क्षति पहुँचाती है ,जिससे बढ़वार की अवस्था मे मृत गोभ तथा  बालियां आने पर सफेद बाली दिखाई देती है।
 
इसके प्रबंधन के लिये कारटेप 50 डब्ल्यू. पी. ,500 ग्राम  या कोरेजन 18.5 एस.सी.  150 मिली को 500 ली.पानी मे घोल कर  प्रति हैक्टेयर मे  छिड़काव करे। या  कारटाप हाईड्रोक्लोराइड 4 जी. 20  किग्रा प्रति  हैक्टेयर की दर से   3-4 सेमी.स्थिर पानी मे बिखेर दे। धान के  जीवाणु झुलसा रोग  मे पत्तियां नोक अथवा किनारे से  एकदम सूखने लगती है। सूखे हुए किनारे अनियमित एवं टेढे़ मेढ़े हो जाते  है। इसके रोकथाम के लिये 15 ग्राम  स्ट्रेप्टोमाईसिन सल्फेट 90 प्रतिशत +टेट्रासाइक्लिन हाईड्रोक्लोराइड 10 प्रतिशत  एवं 500 ग्राम  कापर आक्सीक्लोराइड  50 डब्लू. पी. को 500  लीटर पानी में घोलकर प्रति हैक्टेयर  की दर से छिड़काव करें। जब तक रोग ठीक न हो जाय तब तक  यूरिया न डाले। 
 
शीथ ब्लाइट रोग मे पत्र कंचल (तना से सटा हुआ  भाग) पर  अनियमित आकर के धब्बे बनते है, जिसका किनारा गहरा गहरा भूरा  तथा मध्य भाग  हल्के रंग का होता है। इसके प्रबंधन के लिये हेक्साकोनोजोल 5 प्रतिशत  ई.सी. 1 लीटर  या  कार्बेन्डाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यू. पी. 500ग्राम को   500 लीटर पानी मे घोल कर प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करे।  कोराना गाईड लाईन का पालन करे।  दो गज की दूरी रखे।  छिड़काव से  पहले साबुन से हाथ कम से कम 30 सेकंड जरुर धोये, मास्क जरुर पहने ,  बीडी़ सिगरेट,तम्बाकू का प्रयोग नही करे। छिड़काव के बाद साबुन से स्नान  करे। तथा कीटनाशक के प्रयोग के  बाद  कम से कम  40-45 दिन  तक दाने को  खाने या  फसल को पशुओं के चारा के रूप मे प्रयोग न करे।
Facebook Comments