Sunday 25th of October 2026 08:18:12 AM

Breaking News
  •  NIA कोर्ट का यासीन मलिक समेत 7 पर मुकदमा चलाने का आदेश |
  • देहरादून में “किताब कौतिक” मेले में उमड़ी पाठकों की भीड़ |
  • काशी तमिल संगमम का पाचवा संस्करण 28 नवम्बर से 12 दिसम्बर तक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 10 Mar 2019 10:38 AM |   2903 views

पहली नज़र

उनकी एक झलक क्या दिखी बस देखता ही रहा

आँखों मे तस्वीर क्या बसी बस सोचता ही रहा 

नज़रे चुराना ,मुस्कुराना यूँही मिल जाना सनम

मिलन की आस मे हरदम दर्द अपना सहता ही रहा

जुबां पे आई दिल की बात कैसे कहुं सोचता ही रहा 

     वो सनम मेरे है मेरे ही रहेंगे सोचता रहा 

    उनके जज्बातों मे अपने जबाब ढूढ ता ही रहा 

चाहत को सनम मेरी नज़रों से तुम  समझ लेना

जुबा से इजहारे मोहब्बत कैसे करू मै सोचता ही रहा 

ये हकीकत है सनम तुमसे मोहब्बत की है 

चाहतों के बाज़ार मे खुद ही खुद को ढूढ ता ही रहा  

ना समझ दिल की उनका मेरे दिल पर कैसे राज रहा 

उनकी यादो मे जिन्दगी कैसे बसर हो दिल को समझाता रहा 

              ( यश चौहान ,आगरा ) 

Facebook Comments