Tuesday 13th of January 2026 06:04:06 PM

Breaking News
  • देवरिया में चला बुलडोजर,अवैध मजार ध्वस्त |
  • आर सी पी सिंह की जदयू में होगी वापसी मकर संक्रांति के बाद ,बोले -नीतीश कुमार और हम एक ही हैं|
  • मकर संक्रांति पर योगी सरकार का बड़ा फैसला , 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश का ऐलान |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 28 Mar 2022 5:12 PM |   1108 views

नयी सदी के स्वर पुस्तक का विमोचन किया गया

वाराणसी – कल महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी के शिक्षा शास्त्र  सभागार में विश्व हिंदी शोध अकादमी कविताम्बरा एवं हिन्दी तथा आधुनिक भाषा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 157 कवियों द्वारा लिखी गई 1300पृष्ठों  की  कविताएं ,  रचनाकार  हीरालाल मिश्र मधुकर “नयी सदी के स्वर” भाग २,रचित काव्यपुस्तक लोकार्पण, सम्मान समारोह एव संगोष्ठी का मुख्य अतिथि  राजाराम शुक्ल (पूर्व कुलपति,श्री०सं०स०वि०वि) के  द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
 
मुख्यअतिथि पूर्व कुलपति  राजाराम शुक्ल,वाराणसी पुलिस आयुक्त  सुभाष चन्द्र दूबे प्रो राम मोहन पाठक सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
 
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश भर से आये, काशी के सुप्रसिद्ध एवं वरिष्ठ  साहित्यकार  राम नरेश “नरेश” जी सहित”३९ साहित्यकारों को लोक भाषा भूषण  व ‘गीत वैभव’ आदि सम्मानों से सम्मानित किया गया।
 
पूर्व कुलपति  राजाराम शुक्ल जी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हिंदी के विकास के लिए साहित्यकारों का योगदान अतुलनीय है,ऐसे आयोजन हमेशा होते रहने चाहिए।
 
राममोहन पाठक कहा कि हिंदी के विकास के लिए काशी में साहित्य महोत्सव का आयोजन होना चाहिए,आज स्मृतिजीवी नहीं कृतिजीवी बनने की जरूरत है।पुस्तक पर अन्य वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन राम सुधार सिंह जी किया।
 
कार्यक्रम में निरंजन सहाय,अनिता दूबे,वशिष्ठ अनुप, डॉ कैलाश सिंह विकास,, वशिष्ठ अनूप,  नारायण खेमका,केशव जालान, हेमंत शर्मा,आनन्द सिंह अन्ना सहित सैकड़ो साहित्यकार,कविगण कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहे।
Facebook Comments