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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 23 Nov 4:04 PM |   645 views

प्रचलित हो रहा प्याज बीज उत्पादन तकनीकः प्रो. रवि प्रकाश

बलिया / सोहाव- आचार्य नरेंन्द्र  देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंजअयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र सोहाँव बलिया के अध्यक्ष प्रोफेसर रवि प्रकाश मौर्य  ने ग्राम मेड़ौरा ,ब्लॉक सोहाँव के  प्याज  बीज  उत्पादन करने वाले प्रगतिशील कृषक  अजय पाण्डेय के  2.5 एकड़  मे लगे प्याज प्रक्षेत्र का भ्रमण किया तथा प्याज बीज  उत्पादन के बारे मे  चर्चा की।

कृषक अजय के अनुसार  प्याज कंद की बुआई  का सही समय अक्ट्बर से नवम्बर है। 60 -80 ग्राम वजन का कंन्द 12 कुन्टल तथा 40-50 ग्राम वजन का कंन्द 8 कुन्टल बीज  प्रति एकड़ लगता है। अंतिम जुताई के समय 80 किग्रा, डी.ए.पी. तथा 40 किग्रा म्यूरेट आफ पोटाश  प्रति एकड़ मे मिला देते है। कंद से कंद की दूरी   30 सेमी,  लाईन से लाईन की दूरी  40 सेमी तथा गहराई प्याज के आकार  अनुसार होनी चाहिए।

यदि  खेत मे प्रर्याप्त नमी रहने पर रोपाई की गई है तो पहली   सिचाई आवश्यकतानुसार  एक सप्ताह बाद करनी चाहिए, यदि सूखे खेत मे रोपण की गई है तो हल्की सिंचाई दो दिन बाद करें। उसके  बाद 15 -15 दिन पर  आवश्यकतानुसार 4-5 सिचाई की जरूरत होती है।

कृषक  पाण्डेय ने बताया कि यह सुक सागर प्रजाति है।जिसका बीज  पश्चिम बंगाल से पिछले वर्ष  लाये थे  तथा अपने यहाँ कंद पैदा किये।  जिसका इस बार अपने यहाँ स्वयं  बीज उत्पादन कर रहे है।।इसमें फूल जनवरी माह मे आ जाता है।  अप्रैल मे फसल पक कर तैयार हो जाती है।

मौसम ठीक रहने पर  4-5 कुन्टल बीज प्रति एकड़ प्राप्त हो जाता है। जो 1000 से 1500 रू प्रति किग्रा कम से कम तथा.अधिकतम. 4500 रू प्रति किग्रा. तक बिक जाता है। बीज उत्पादन का कार्य कम्पनियो के माँग के अनुसार करते है। इनके आस पास भी कम क्षेत्रफल मे कई किसान प्याज बीज उत्पादन का कार्य अपने स्वयं के लिए कर रहे है।

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