होली
सबके हृदय में उमंग है छाया ,
पुए पकवान की ढेर लगी है
हर घर थाल में गुजिया सजी है।
रंग-गुलाल हरा- नीला- पीला
खेलत होली सब हो रहे गीला,
कान्हा चले आज खेलन होली
संगमें लिए ग्वाल बाल की टोली
वृंदाबन से निकले हैं कन्हैया
जा पहुंचे बरसाने दोनों भैया,
संग में ग्वाल-बाल की टोली
बोले हैं राधा-राधा की बोली ।
घर के झरोखे से देखी जो राधा
तेज हृदय गति को दिल में साधा
राधा को देख मुस्काए कन्हैया
इतने में आई राधा जू की मैया ।
पीछे से वृषभानु जी भी आए
कान्हा को अपने हृदय से लगाए
खुश हो गई ग्वाल-बाल कीटोली
खेलन लगे सब बासाने में होली
श्यामल कृष्ण व राधा जी गोरी
की अदभुत सुंदर लग रही जोड़ी
सबके हृदय में उमंग है छाई
देखो पावन पर्व होली की आई।
राधा और कृष्ण की प्यारी होली
संजू भी देखन बरसाने में डोली
सृष्टि सुमन बरसावन लागे
श्री राधे,श्री राधे गावन लागे ।
आज पवित्र भयो सारी नगरी
नाचत गोपी चले सारी डगरी
होली की ऐसी लहर है छाई
खुशियों की प्यारी बजी शहनाई।
–डॉ0 संजुला सिंह “संजू”
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