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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 27 Feb 2026 6:44 PM |   386 views

शासन ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को किया निलंबित

देवरिया- जनपद देवरिया के कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा 23-02-2026 को शासन को प्रेषित संस्तुति पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। उत्तर प्रदेश शासन ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं।
 
उत्तर प्रदेश शासन, बेसिक शिक्षा अनुभाग-1, द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में शिथिलता तथा लगभग एक वर्ष तक प्रभावी कार्रवाई न किए जाने के आरोप प्रथम दृष्टया सिद्ध पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता एवं लापरवाही गंभीर कदाचार की श्रेणी में आती है।
 
शासनादेश के तहत शालिनी श्रीवास्तव को उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-4 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है तथा नियम-7 के अंतर्गत विभागीय जांच संस्थित की गई है। जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने हेतु संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
 
निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा तथा उनका संबद्धीकरण शिक्षा निदेशक (बेसिक), उत्तर प्रदेश, लखनऊ कार्यालय से किया गया है।
 
इसी क्रम में शासन ने यह भी आदेश जारी किया है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया के रिक्त पद पर नियमित तैनाती होने तक तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक प्राचार्य, डायट (देवरिया) को उनके वर्तमान पद के साथ-साथ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, देवरिया का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जिससे शैक्षिक एवं प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न हो।
 
उल्लेखनीय है कि उक्त प्रकरण में परिजनों की तहरीर पर थाना गुलहरिया में पूर्व में ही नामजद मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। साथ ही, जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय जांच समिति की आख्या के आधार पर आरोपित पटल सहायक को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
 
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि जनपद में प्रशासनिक जवाबदेही एवं पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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