Friday 28th of August 2026 06:55:45 PM

Breaking News
  • रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं|
  • अमित ठाकरे की कैब ड्राइवरों को चेतावनी ,कहा मराठी नहीं बोली तो होगी पिटाई |
  • नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या 469 पहुचीं ,1400 से ज्यादा लोग लापता |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 9 Feb 2026 7:31 PM |   192 views

संत कबीर अकादमी सभागार में सजा रंगमंच, प्रेमचंद से अहिल्याबाई तक दिखेगी नाट्य यात्रा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं संत कबीर अकादमी, मगहर के संयुक्त सहयोग से सम्भागीय नाट्य समारोह 2025-26 का आयोजन 9 फरवरी से 12 फरवरी 2026 तक संत कबीर अकादमी सभागार, मगहर में किया जा रहा है। इस नाट्य समारोह के अंतर्गत प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से विविध नाट्य प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी।
 
नाट्य समारोह के पहले दिन 9 फरवरी 2026 को मुंशी प्रेमचन्द्र द्वारा रचित प्रसिद्ध नाटक “मोटे राम का निमंत्रण” का मंचन किया गया। यह नाटक मुंशी प्रेमचंद की प्रसिद्ध कथा निमंत्रण पर आधारित है जिसका नाट्य रूपांतरण एवं निर्देशन रवीन्द्र रंगधर ने किया। नाटक की कथावस्तु हास्य व्यंग पृष्ठभूमि पर थी।
 
नाटक में दिखाया गया किस प्रकार मोटे राम शास्त्री निमंत्रण के लालच में सात ब्राह्मणों की जगह पर अपनी पत्नी व बच्चों को लेकर रानी साहिबा के दरबार में पहुंच जाते हैं। मगर उनका झूठ समय से पकड़ में आ जाता है जब उनके मित्र चिंतामणि उनकी सारी खोल देते हैं और नाटक एक सामाजिक सीख के साथ खत्म होता है। हास्य व्यंग्य से भरपूर एवं रवीन्द्र रंगधर के कसे हुए निर्देशन ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। नाटक के प्रत्येक कलाकारों ने अपने अभिनय से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। मोटे राम शास्त्री की मुख्य भूमिका में हरीश शर्मा हंस एवं सोना देवी ने अपने अभिनय से अपने चरित्र को जीवंत कर दिया।
 
इस पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला और सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने के लिए सरकार पूरी निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कला के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर नए और प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि इस प्रकार के नाट्य एवं सांस्कृतिक आयोजन कलाकारों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी सुदृढ़ करते हैं। ऐसे आयोजन उत्तर प्रदेश को सांस्कृतिक रूप से और अधिक समृद्ध तथा मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
 
चार दिवसीय इस आयोजन में 10 फरवरी 2026 को के०पी० सक्सेना द्वारा लिखित नाटक “बाप रे बाप” का मंचन किया जाएगा। नाटक का निर्देशन योगेश पंवार द्वारा किया जाएगा। यह नाट्य प्रस्तुति क्रेजी ग्रीन समिति, सहारनपुर द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।
 
नाट्य समारोह के तीसरे दिन 11 फरवरी 2026 को जे०पी० सिंह जयवर्धन द्वारा लिखित नाटक “दरोगा जी चोरी हो गई” का मंचन होगा। इस नाटक का निर्देशन अशोक लाल द्वारा किया जा रहा है तथा प्रस्तुति देवसु थियेटर आर्ट्स सोसाइटी, लखनऊ की ओर से दी जाएगी। नाट्य समारोह के अंतिम दिन 12 फरवरी 2026 को ऐतिहासिक विषय पर आधारित नाटक “कर्मयोगिनी अहिल्याबाई” का मंचन किया जाएगा। इस नाटक के लेखक एवं निर्देशक आशीष त्रिवेदी हैं और इसकी प्रस्तुति संकल्प साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था, बलिया द्वारा की जाएगी।
 
यह सम्भागीय नाट्य समारोह प्रदेश में रंगमंचीय गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, स्थानीय कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने तथा दर्शकों को गुणवत्तापूर्ण नाट्य प्रस्तुतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आयोजकों की ओर से समस्त रंगमंच प्रेमियों, कला-संस्कृति से जुड़े व्यक्तियों एवं आम नागरिकों को नाट्य समारोह में उपस्थित होकर कार्यक्रम का आनंद लेने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।
 
इनमें अमृत अभिजात (संस्कृति एवं पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश-अपर मुख्य सचिव) तथा प्रो० जयत खोत (उ०प्र० संगीत नाटक अकादमी, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।
Facebook Comments