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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 4 Feb 2026 7:38 PM |   218 views

सिल्क टेस्टिंग लैब की स्थापना से आमजन को मिलेगा असली और मिलावट-मुक्त सिल्क

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को आधुनिक तकनीक, पारदर्शी व्यवस्था और बाजार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विगत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी सिल्क एक्सपो-2026 का आयोजन 06 फरवरी 2026 तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर, लखनऊ के एल-सेप लॉन में किया जा रहा है।
 
प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान द्वारा इस एक्सपो का विधिवत शुभारंभ किया गया।
 
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को शुद्ध सिल्क की पहचान कराना तथा प्रदेश एवं अन्य राज्यों के बुनकरों द्वारा तैयार किए गए शुद्ध रेशमी उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाना है।
 
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि शुद्ध सिल्क उत्पाद महंगे होने के कारण कई बार उनमें सिंथेटिक धागे की मिलावट कर उन्हें शुद्ध सिल्क के नाम पर बेचा जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए सिल्क एक्सपो में ही सिल्क टेस्टिंग लैब की स्थापना की गई है, जिससे आम नागरिक मौके पर ही शुद्ध और मिलावट-मुक्त सिल्क की पहचान कर सकें और बुनकरों द्वारा तैयार असली उत्पाद सीधे खरीद सकें।
 
उन्होंने बताया कि योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में रेशम उत्पादन में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। जहाँ रेशम विभाग की स्थापना के समय उत्पादन मात्र 27 मीट्रिक टन था, वहीं आज यह बढ़कर लगभग 450-500 मीट्रिक टन तक पहुँच गया है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को रेशम उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे किसानों, बुनकरों और उद्यमियों को स्थायी रोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त हों।
 
सिल्क एक्सपो-2026 में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ मध्य प्रदेश की चंदेरी सिल्क, तमिलनाडु की कांजीवरम, आंध्र प्रदेश की धर्मावरम एवं उप्पाड़ा जामदानी, कर्नाटक की मैसूर सिल्क, महाराष्ट्र की पैठणी साड़ियाँ तथा बनारसी साड़ी सहित विभिन्न राज्यों के शुद्ध रेशमी उत्पादों की प्रदर्शनी एवं विक्रय किया जा रहा है। एक्सपो में कुल 55 स्टाल लगाए गए हैं, जहाँ बुनकर एवं ट्रेडर्स सीधे अपने उत्पाद प्रस्तुत कर रहे हैं।
 
कार्यक्रम के अंतर्गत पं० दीन दयाल उपाध्याय रेशम रत्न सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया, जिसमें रेशम उद्योग से जुड़े कृषकों, बुनकरों, उद्यमियों एवं कार्मिकों को सम्मानित किया गया। साथ ही रेशम मित्र-2025 पत्रिका का विमोचन कर विभागीय उपलब्धियों एवं योजनाओं की जानकारी साझा की गई।
 
सिल्क एक्सपो-2026 आम जनता के लिए 06 फरवरी 2026 तक खुला रहेगा और यह आयोजन प्रदेश में रेशम उद्योग को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ शुद्ध सिल्क के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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