अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा की जयंती मनाई गई
भटनी -ग्राम पंचायत भरहेचौरा में अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी तथा ग्रामीणों की भारी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय समानता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल शास्त्री कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद कुशवाहा सामाजिक न्याय, प्रतिनिधित्व और संस्थागत परिवर्तन की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करने के प्रयास, जैसे यूजीसी इक्विटी बिल, उनके विचारों को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।राष्ट्रीय मुख्य महासचिव अगमस्वरूप कुशवाहा ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद की दृष्टि ऐसी व्यवस्था बनाने की थी जो अधिक समावेशी, जवाबदेह और बराबरी पर आधारित हो। यही उनके विचारों की आज की सबसे बड़ी प्रासंगिकता है।
संजयदीप कुशवाहा ने कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद समान शिक्षा व्यवस्था के प्रबल पक्षधर थे। उन्होंने उनके प्रसिद्ध नारे — “राष्ट्रपति हो या मजदूर की संतान, सबकी शिक्षा एक समान” — को याद करते हुए कहा कि शिक्षा में समानता ही सामाजिक न्याय का आधार है।
सीपीआई (माले) नेता शिवाजी राय ने उन्हें शोषित वर्ग की सशक्त आवाज बताते हुए कहा कि समाजवाद और साम्यवाद उनके जीवन की मूल धारा थी।
डॉ. चतुरानन ओझा ने कहा कि देश में समान और निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था स्थापित करना ही जगदेव बाबू के सपनों को साकार करना होगा।
सुरेंद्र बौद्ध ने उन्हें शोषित और वंचित समाज का क्रांतिकारी मसीहा बताया। कार्यक्रम में सुभावती देवी और संध्या देवी ने सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम का संचालन रामज्ञानी आचार्य तथा विजय कुमार, जिलाध्यक्ष (आरएसडी) ने किया।
कुशवाहा,रमाकांत,हरिनारायण इत्यादि सैकड़ों लोगों की उपस्थित रहे |
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