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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 28 Jan 2026 6:59 PM |   44 views

आयुष्मान कार्ड बनाने में लापरवाही पर तीन एमओआईसी को नोटिस

कानपुर नगर-आयुष्मान कार्ड निर्माण में अपेक्षित प्रगति न मिलने को जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान शिवराजपुर, बिल्हौर और भीतरगांव के एमओआईसी की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताते हुए उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि आयुष्मान कार्ड जैसा जीवनरक्षक जनकल्याणकारी अभियान प्राथमिकता पर है और इसमें किसी भी स्तर की शिथिलता सीधे जवाबदेही तय करेगी।
 
समीक्षा में सामने आया कि जनवरी माह में अब तक केवल 7,258 नए आयुष्मान कार्ड ही बनाए जा सके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान को तत्काल युद्ध स्तर पर चलाया जाए और शेष पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बिना किसी देरी के बनाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि 3 फरवरी को पुनः समीक्षा की जाएगी और यदि प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित मानी जाए।
 
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जनपद कानपुर नगर में अब तक कुल 8 लाख 64 हजार 21 आयुष्मान कार्ड निर्गत किए जा चुके हैं। वय वंदना योजना के अंतर्गत 70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 79,533 वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिसके आधार पर इस श्रेणी में कानपुर नगर प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
 
समीक्षा के दौरान जन आरोग्य समिति के अंतर्गत नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बजट व्यय की स्थिति भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी गई, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की। ग्वालटोली, जूही, जागेश्वर, बेनाझाबर, सर्वोदय नगर और अनवरगंज यूपीएचसी में आवंटित धनराशि का उपयोग अत्यंत सीमित पाया गया, जबकि रामबाग यूपीएचसी द्वारा प्राप्त धनराशि का समुचित उपयोग न किए जाने को गंभीर लापरवाही माना गया।
 
जिलाधिकारी ने सात नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा जन आरोग्य समिति के अंतर्गत प्राप्त धनराशि का संतोषजनक उपयोग न किए जाने पर शासन को पत्र भेजने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए।
 
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह धनराशि मरीजों की सुविधाओं, उपचार व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए है और भविष्य में किसी भी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में सीएमओ डॉ हरिदत्त नेमी, डिप्टी सीएमओ डॉ आरपी यादव सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
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