सुभाष चंद्र बोस जयंती धूमधाम से मनाई गई
सलेमपुर -आज राजकीय महिला महाविद्यालय सलेमपुर देवरिया में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सुभाष चंद्र बोस जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो हरीश कुमार रहे।उन्होंने कार्यक्रम संबोधित करते हुए कहा कि नेता जी सशक्त बनाया और विश्व पटल पर देश की समस्याओं को उठाया वह एक क्रांतिकारी कदम था। उन्होंने कहा कि हर साल 23 जनवरी को इस दिवस को मनाया जाता है| सुभाष चंद्र बोस को हिटलर ने प्यार से पहली बार नेताजी कह के संबोधित किया। इनके एक आवाहन पर देश के लाखों युवक अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ खड़े हो गए। शुरुआती दौर में ये कांग्रेस थे और 1938 में कांग्रेस के अध्यक्ष भी बने । लेकिन वैचारिक मतभेद होने के कारण इन्होने कांग्रेस से अलग होकर आजादी के लिए अलग चुना और आजाद हिंद फौज का गठन किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिषेक कुमार ने कहा कि नेताजी ने अग्रेंजी को खोली चुनौती दी और गांधी के अहिंसा का मार्ग त्याग कर आजादी के लिए सशक्त संघर्ष का रास्ता अपनाया जिससे ब्रिटिश सरकार की नींव हिल गई।आजाद हिंद फौज ने देश के युवाओं में एक चिंगारी फुंकी जिसका आजादी के लड़ाई में उस समय बहुत जरूरत थी।
डॉ कमला यादव ने कहा कि नेता जी कथन था ” तुम मुझे खून दो मई तुम्हे आज़ादी दूंगा “यह नारा आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना उस दौर में था |उन्होंने कहा कि नेता जी की मृत्यु भले ही 1945 में रहस्यमय तरीके से हो गयी लेकिन उनके विचार आज भी लोगो के अन्दर जीवित है |
इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण ,कर्मचारी और छात्राएं उपस्थित रही |
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