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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 27 Dec 2025 7:48 PM |   139 views

भारतीय रेल की अगले 5 वर्षों में प्रमुख शहरों में रेल गाड़ियों की संचालन क्षमता दोगुनी करने की योजना

गोरखपुर – रेल यात्रियों द्वारा यात्रा की मांग में लगातार हो रही तीव्र वृद्धि को देखते हुए, भारतीय रेल द्वारा अगले 5 वर्षों में देश प्रमुख शहरों से नई रेल गाड़ियों के संचालन की क्षमता को वर्तमान स्तर से दोगुना करने के लिए वर्तमान बुनियादी ढांचे का विस्तार एवं विकास करने का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है।
 
वर्ष 2030 तक संचालन क्षमता को दोगुना करने के लिए मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, स्टेबलिंग लाइन, पिट लाइन तथा पर्याप्त शंटिंग सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में और उसके आसपास नए टर्मिनलों की पहचान कर निर्माण करने तथा ट्रेनों के रख-रखाव हेतु मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स सहित विभिन्न स्थानों पर रेल गाड़ियों की बढ़ती संख्या की व्यवस्था करने के लिए यातायात सुविधा कार्यों, सिग्नलिंग उन्नयन और मल्टीट्रैकिंग के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि करने का कार्य किया जा रहा है। 
 
भारतीय रेल द्वारा चयनित देश के 48 प्रमुख शहरों, जिसमें इस योजना के अन्तर्गत निर्धारित समय सीमा के भीतर रेल गाड़ियों की संचालन क्षमता को दोगुना करने के लक्ष्य रखा गया है, उसमें पूर्वोत्तर रेलवे के अधीन आने वाले तीन शहरों-गोरखपुर, लखनऊ एवं वाराणसी को चयनित किया गया है।
 
गाड़ियों की संचालन क्षमता को दोगुना करने तथा यात्रियों की आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास रू. 498 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत वृहद नये स्टेशन भवन का निर्माण का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। इसके अन्तर्गत प्रस्तावित स्टेशन का निर्माण 17,900 वर्ग मीटर एवं द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण 7,400 वर्ग मीटर में किया जायेगा। रूफ प्लाजा, फूड आउटलेट, वेटिंग हॉल, ए.टी.एम. एवं किड्स प्ले एरिया का प्रावधान किया जायेगा। रूफ प्लाजा से प्लेटफॉर्मों तथा प्रवेश एवं निकास द्वार को लिफ्ट एवं एस्केलेटरों द्वारा कनेक्ट किया जायेगा। 300 वर्ग मीटर में टिकट खिड़कियाँ बनाई जायेंगी।
 
स्टेशन परिसर में कांजेशन फ्री प्रवेश एवं निकास का प्रावधान किया जायेगा। दो मल्टी परपज वाणिज्यिक टॉवर बनाये जायेंगे, जिसमें मल्टी लेवल कार पार्किंग, बजट होटल, कामर्शियल शॉप इत्यादि का प्रावधान होगा। प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन एवं बस स्टेशन से स्काई वॉक-वे से लिंक किया जायेगा। कार, टू व्हीलर्स, थ्री व्हीलर्स की पार्किंग क्षमता 427 ई.सी.एस. है, जबकि प्रस्तावित पार्किंग क्षमता 838 ई.सी.एस. है। दोनों प्रवेश द्वार के सर्कुलेटिंग क्षेत्र में हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जायेगी।
 
गोरखपुर छावनी रेलवे स्टेशन को सेटेलाइट स्टेशन के रूप में विससित कर दिया गया है। इस स्टेशन पर 02 नये प्लेटफॉर्मों के साथ कुल 05 प्लेटफॉर्म बनाये गये है, जहॉ से 06 जोड़ी गाड़ियों का संचलन किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा हेतु स्टेशन पर दो पैदल उपरिगामी पुल का निर्माण किया गया है। गोरखपुर छावनी स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा हेतु मानक के अनुरूप सभी उन्नत एवं अतिआधुनिक यात्रा सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
 
गोरखपुर कैंट स्टेशन पर द्वितीय प्रवेश द्वार बनाने के लिए स्वीकृति की प्रक्रिया चल रही है, इस कार्य के हो जाने से कैंट स्टेशन की क्षमता का विस्तार होगा जिससे ज्यादा ट्रेनों का संचलन वहां से किया जा सकेगा।
 
गोरखपुर से गाड़ियों की संचलन क्षमता को दोगुना करने हेतु कुसुम्ही-गोरखपुर कैंट-गोरखपुर-डोमिनगढ़ रेल खण्ड पर तीसरी लाइन तथा गोरखपुर-नकहा जंगल रेल खण्ड के दोहरीकरण कार्य पूरा कर रेल यातायात हेतु खोल दिया गया है तथा नकहा जंगल से आनन्द नगर, सिद्धार्थनगर होते हुए गोण्डा तक के रेल खण्ड को दोहरीकरण हेतु प्रस्तावित है। गोरखपुर स्थित पुराने पिट लाइन का भी क्षमता विस्तार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक गाड़ियों का संचलन सुचारू रूप से संभव हो सकेगा।
 
गोरखपुर-वाल्मीकि नगर लगभग 96 किमी रेल खण्ड को भी रू. 1120.66 करोड़ की लागत से विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। आनन्दनगर-घुघली वाया महराजगंज तथा सहजनवा-दोहरीघाट नई लाइन का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से किया जा रहा है।
 
इन कार्यो के पूरा होने पर गोरखपुर से अगामी 5 वर्षो में ट्रेनों के संचालन की क्षमता दोगुनी होगी।
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