Thursday 12th of March 2026 07:15:18 PM

Breaking News
  • पश्चिम बंगाल के वोटरों को राहत सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर अब ट्रिब्यूनल करेगा ख़ारिज आवेदनों की सुनवाई |
  • ईरान -इजराइल जंग का खेलो पर असर ICC वर्ल्ड कप लीग -2 पर लगी रोक ,फीफा ने कहा -नहीं टलेगा फुटबाल वर्ल्ड कप |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 23 Sep 2025 5:58 PM |   353 views

पुलिस कर्मियों को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण, थानों में मूक-बधिर व्यक्तियों की सहायता होगी आसान

कानपुर नगर-अंतर्राष्ट्रीय भाषा दिवस के अवसर पर कानपुर नगर में पुलिस प्रशासन और दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के संयुक्त तत्वाधान में अखिल उत्तर प्रदेश बधिर संस्था की पहल पर सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में नगर के समस्त थानों के उप निरीक्षक शामिल हुए।
 
शिविर का उद्घाटन जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विनय उत्तम एवं पुलिस लाइन प्रतिसार निरीक्षक चन्द्र प्रताप सिंह ने किया। इसका समापन एडीसीपी महेश कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे।
 
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी विनय उत्तम ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर मूकबधिर व्यक्तियों के साथ संवाद स्थापित करने में मददगार होगा। इसका उद्देश्य सरकारी संस्थानों और आम जनता में सांकेतिक भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मूकबधिर व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम सरकारी संस्थानों और विद्यालयों में नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।
 
दिव्यांग महागठबंधन के महासचिव वीरेन्द्र कुमार ने प्रशिक्षण की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से बधिर व्यक्तियों को समाज में अधिक अवसर मिलेंगे और वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।
 
एडीसीपी महेश कुमार ने स्वयं प्रशिक्षण लिया और सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे थानों में आने वाले मूकबधिर दिव्यांगजनों की सहायता के लिए प्रशिक्षित स्वयंसेवी संस्थाओं और विशेषज्ञों की मदद लें। साथ ही, सभी थानों में सांकेतिक भाषा के पैम्पलेट लगाने का भी निर्देश दिया गया।
 
प्रशिक्षण शिविर में राहुल सचान, शालिनी श्रीवास्तव, वीरेन्द्र शुक्ला, सौरभ श्रीवास्तव, सौरभ अग्रवाल आदि ने मिलकर पुलिस अधिकारियों को सांकेतिक भाषा सिखाई।
 
इस प्रशिक्षण से न केवल पुलिस अधिकारियों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि मूकबधिर व्यक्तियों को भी अपने अधिकारों और सेवाओं तक पहुंचने में सहजता होगी।
 
 
 
Facebook Comments