वृक्ष परोपकार के प्रतीक
कुशीनगर-“परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः, परोपकाराय वहन्ति नद्यः। परोपकाराय दुहन्ति गावः, परोपकारार्थमिदं शरीरम् “वृक्ष परोपकार के प्रतीक और हिंदू संस्कृति के धरोहर हैं। वृक्षारोपण दिवस हर वर्ष पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस दिन लोग पेड़ लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। वृक्ष न केवल हमें शुद्ध वायु प्रदान करते हैं, बल्कि वे जलवायु संतुलन बनाए रखने, भूमि क्षरण रोकने और जैव विविधता को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालयों, कॉलेजों, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें वृक्षारोपण, पर्यावरण जागरूकता रैलियाँ और भाषण प्रतियोगिताएँ शामिल होती हैं।
इसी उद्देश्य के साथ,आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, सेवरही नगर द्वारा भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, अंतरगत कार्य कार्यरत कृषि विज्ञान केन्द्र एवं क्षेत्रीय अनुसंधान केन्द्र, कुशीनगर, उ.प्र. के परिसर में वन विहार एवं पौधारोपण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। परिसर में महोगनी, सागौन एवं फलों के छायादार पौधे, धरती माँ को समर्पित किए गए एवं जन मानस को अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने हेतु प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता, आर एस एस, के जिला प्रचारक अभय एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, प्रभारी डॉ समशेर सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ । कार्यक्रम में आरएसएस के सहजिला कार्यवाह प्रहलाद , जिला समरसता प्रमुख प्रह्लाद केसरी , जिला शारीरिक शिक्षा प्रमुख, गुरुशरण , नगर संचालक निर्मल , संपर्क प्रमुख राजेश , अरविंद , नगर कार्यवाह सेवरही राजेंद्र , महाविद्यालमत प्रमुख हनी आदि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अन्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश के.बी, डॉ. गंगाराज आर, डाॅ अरुण प्रताप, सुश्री रिद्धि वर्मा, सुश्री श्रुति वी सिंह, मोतीलाल कुशवाहा, जे पी गुप्ता, कौशलेन्दु सिंह, हरिहर सिंह, आदि उपस्थित रहे।
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