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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 4 Jun 2025 8:29 PM |   304 views

उत्तर प्रदेश बौद्ध धरोहरों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध -जयवीर सिंह

लखनऊ :उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से मेकांग-गंगा सहयोग (एमजीसी) कार्य योजना के अंतर्गत पांच आसियान देशों के 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के प्रमुख स्थलों की यात्रा कर रहे हैं। यह यात्रा ’फैम ट्रिप’ (फैमिलियराइजेशन ट्रिप) के तहत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य बौद्ध सर्किट में आने वाले बौद्ध विरासतों को विश्व मानचित्र पर प्रदर्शित करना है। यह प्रयास भारत व दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन सहयोग को सुदृढ़ करेगा।

यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ स्थित एक होटल में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आसियान देशों से आए प्रतिनिधियों का पारंपरिक स्वागत किया गया।

इस अवसर पर प्रतिनिधियों को बौद्ध सर्किट से जुड़े स्थलों और प्रदेश की समृद्ध बौद्ध विरासत की विस्तृत जानकारी एक विशेष प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश की बौद्ध धरोहर को वैश्विक मंच पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है।

उन्होंने बताया कि यात्रा के तीसरे दिन, कम्बोडिया, लाओस पीडीआर, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम से आए प्रतिनिधियों ने राजधानी लखनऊ के ऐतिहासिक स्थलों-बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाजा, भूलभुलैया सहित अन्य जगहों का भ्रमण किया। इस दौरान आगंतुकों ने स्थापत्य कला, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय व्यंजन को सराहा। तत्पश्चात, 50 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल श्रावस्ती के लिए रवाना हो गया। एक दिन पहले प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ जी से मुलाकात की थी।

जयवीर सिंह ने बताया कि कम्बोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम जैसे पांच आसियान देशों के 50 प्रतिनिधि वाले इस दल में बौद्ध भिक्षु, ट्रैवल एजेंट्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। फैम ट्रिप को ’बोधि यात्रा’ का नाम दिया गया, जो 02 जून से 07 जून, 2025 तक आयोजित किया गया है। इस यात्रा में प्रतिनिधि विश्व प्रसिद्ध बौद्ध स्थलों-श्रावस्ती, कपिलवस्तु, कुशीनगर, सारनाथ के साथ-साथ वाराणसी का भ्रमण करेंगे। इससे पहले उन्होंने आगरा और लखनऊ के दर्शनीय स्थलों से रूबरू हुए।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि बोधि यात्रा के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को प्रदेश के समृद्ध बौद्ध स्थलों और संस्कृति से परिचित कराया जा रहा है। यह पहल वैश्विक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहर को विश्व मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रयासों से राज्य को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। 

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