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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 6 May 2025 7:36 PM |   911 views

भारत ने वियतनाम में संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस-2025 पर पुनः भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री  किरेन रिजिजू ने आज हो ची मिन्ह सिटी में स्थित वियतनाम बौद्ध अकादमी में संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस-2025 समारोह के दौरान विश्व भर से पहुंचे गणमान्य व्यक्तियों को संबोधित किया।

रिजिजू ने इस पावन अवसर पर उपस्थित अंतरराष्ट्रीय जनसमुदाय को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

रिजिजू ने अपने संबोधन में वर्तमान विश्व में भगवान बुद्ध की शिक्षाओं की चिरस्थाई प्रासंगिकता पर बल दिया और स्थिरता, शांति तथा मानवीय मर्यादा के प्रति भारत की प्राचीन और सतत प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि भगवान बुद्ध के संदेश समकालीन वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में किस प्रकार से रोशनी की तरह राह दिखलाते हैं।

इस भव्य समारोह में वियतनाम समाजवादी गणराज्य के राष्ट्रपति महामहिम लुओंग कुओंग और श्रीलंका के राष्ट्रपति महामहिम अनुरा कुमारा दिसानायका सहित कई राष्ट्राध्यक्षों और आध्यात्मिक गुरुओं ने भाग लिया।

वियतनाम बौद्ध संघ के सर्वोच्च संरक्षक थिच त्रि कुआंग और संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस (यूएनडीवी) की अंतरराष्ट्रीय आयोजन समिति के अध्यक्ष परम आदरणीय प्रो. डॉ. प्रा ब्रह्मपंडित सहित कई ख्यातिप्राप्त बौद्ध हस्तियां भी समारोह में उपस्थित थीं।

संयुक्त राष्ट्र वेसाक दिवस समारोह 2025 का थीम है – “मानवीय मर्यादा के लिए एकजुटता और सहिष्णुता; विश्व शांति और सतत विकास के लिए बौद्ध प्रज्ञा”। यह विषय वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच एकता, सहिष्णुता, शांति और विकास का प्रभावशाली संदेश देता है।

भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया, भारतीय राष्ट्रीय संग्रहालय और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के सहयोग से भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को वियतनाम में प्रदर्शित किया जा रहा है। ये अवशेष अभी हो ची मिन्ह सिटी के थान टैम पैगोडा में प्रदर्शित किये जा रहे हैं और 21 मई, 2025 तक उन्हें ताई निन्ह, हनोई और हा नाम भी ले जाया जाएगा।

 

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