Saturday 7th of November 2026 12:33:17 AM

Breaking News
  •  4 नवम्बर को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन गोरखपुर आयेंगे |
  • कर्नाटक में दिवाली पर रात 8 बजे से 10 तक ही ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश |
  • 200 करोड़ की वसूली केस में नोरा फतेही को दिल्ली कोर्ट का समन,6 नवम्बर को पेशी |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 27 Sep 2024 5:17 PM |   1250 views

हथिया नक्षत्र की वर्षा से फसलों पर प्रभाव

आज से हस्त नक्षत्र शुरू हो गया है। जिससे मूसलाधार बारिश की उम्मीद है। इस बारिश के लिए किसान भी उत्सुक हैं क्योंकि यह फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है।
 
सेवानिवृत्त प्रोफेसर रवि प्रकाश मौर्य निदेशक प्रसार्ड ट्रस्ट मल्हनी भाटपाररानी देवरिया ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार भी वर्षा होगी। वर्तमान वर्षा से लाभ और हानि दोनों हो सकते हैं।
 
पछैती धान, मक्का, गन्ना, ज्वार ,बाजरा,  आदि फसलों के लिए  यह वर्षा लाभकारी होगा। परन्तु जो अगेती धान की फसल, उर्द, मूंग , मक्का,ज्वार ,आदि  इस समय पक कर तैयार है ,उसके लिए तेज वर्षा नुकसानदेह है। सब्जियों में कद्दू वर्गीय सब्जियों , भिण्डी, टमाटर, मिर्च को गलने की संभावना बढेगी। जो अभी नये लगाये गये गोभी, पपीता की पौधे को हानि होगा ।बर्षा से तापमान 35 डिग्री से.ग्रेट. से कम होकर 26 डिग्री से.ग्रेट.  हो गया है।, जिससे गर्मी से राहत मिली है।
 
लगातार  अत्यधिक बर्षा से बाढ़ और जलभराव हो सकता है, जिससे जान-माल की हानि होती है।
अत्यधिक वर्षा से फसलों की क्षति हो सकती है, जिससे किसानों को नुकसान होता है।वर्षा से सड़कें और रास्ते बंद हो सकते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।
 
वर्षा  के बाद जलजनित बीमारियाँ फैल सकती हैं। पौधों पर भी वीमारियों एवं कीटों का प्रकोप  होने की संम्भावना हो जाती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि बर्षा का प्रभाव क्षेत्र और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
Facebook Comments