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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 31 Jul 2024 4:41 PM |   405 views

IAS पूजा खेडकर पर UPSC का बड़ा एक्शन, CSE-2022 की उम्मीदवारी को किया रद्द, सभी परीक्षा में शामिल होने पर रोक

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2022 के आवेदन में अनियमितताओं को लेकर विवादास्पद प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर की अनंतिम उम्मीदवारी रद्द कर दी है। निकाय ने उसे यूपीएससी द्वारा आयोजित किसी भी परीक्षा में बैठने से भी रोक दिया है। यह निर्णय आयोग द्वारा गहन समीक्षा के बाद आया है। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने इससे पहले 19 जुलाई को परिवीक्षाधीन आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था।

एक बयान में यूपीएससी ने कहा कि उसने सिविल सेवा परीक्षा-2022 की अनंतिम रूप से अनुशंसित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेडकर के दुर्व्यवहार की विस्तृत और गहन जांच की है। 

यूपीएससी ने कहा कि सभी रिकॉर्ड की जांच के बाद ये सामने आया कि पूजा खेडकर ने सीएसई-2022 नियमों का उल्लंघन किया है। आयोग ने सीएसई के पिछले 15 सालों के डाटा को रिव्यू किया जिसमें 15 हजार से ज्यादा कैंडिडेट्स शामिल थे। इस जांच से यह पता चला है कि उसने अपना नाम, अपने पिता और माता का नाम, अपनी तस्वीर/हस्ताक्षर, अपनी ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और अपनी पहचान बदलकर धोखाधड़ी से परीक्षा नियमों के तहत स्वीकार्य सीमा से अधिक प्रयास का लाभ उठाया।

यूपीएससी ने अत्यंत निष्पक्षता और नियमों के सख्त पालन के साथ अपनी सभी परीक्षा प्रक्रियाओं की पवित्रता और अखंडता सुनिश्चित की है। खेडकर को पुणे पुलिस ने अपना बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था। यह खेडकर द्वारा पुणे के जिला कलेक्टर सुहास दिवसे के खिलाफ उत्पीड़न का मामला दर्ज करने के बाद आया, जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार को सत्ता के कथित दुरुपयोग की सूचना दी थी।

यूपीएससी ने अत्यंत निष्पक्षता और नियमों के सख्त पालन के साथ अपनी सभी परीक्षा प्रक्रियाओं की पवित्रता और अखंडता सुनिश्चित की है। खेडकर को पुणे पुलिस ने अपना बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था। यह खेडकर द्वारा पुणे के जिला कलेक्टर सुहास दिवसे के खिलाफ उत्पीड़न का मामला दर्ज करने के बाद आया, जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार को सत्ता के कथित दुरुपयोग की सूचना दी थी।

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