Saturday 6th of June 2026 06:06:02 AM

Breaking News
  • तमिलनाडु मुख्यमंत्री विजय का DMK पर वार -परिवारवाद की राजनीति  खत्म करेंगे |
  • कुशीनगर में फर्जी नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ |
  • आजमगढ़ में फर्जी जमानत गिरोह का पर्दाफाश |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 9 Oct 2019 6:38 PM |   2033 views

कैबिनेट ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिये 5 प्रतिशत अतिरिक्‍त महंगाई भत्‍ता को मंजूरी दी

नई दिल्ली –    सरकार ने बुधवार को केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते/महंगाई राहत को 5 प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय किया है । इससे दिवाली से पहले 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों एवं 65 लाख पेंशनधारियों को फायदा होगा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का निर्णय किया गया ।
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज मूल्‍य-वृद्धि की क्षति-पूर्ति के लिए, मूल वेतन/पेंशन के 12 प्रतिशत की मौजूदा दर में 5 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 1 जुलाई, 2019 से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्‍ते (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत के लिए अतिरिक्‍त धनराशि जारी करने हेतु अपनी मंजूरी दे दी है। यह वृद्धि स्‍वीकृत फार्मूले के अनुसार की गई है, जो सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित है।

बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘ आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 5 प्रतिशत बढ़ने का निर्णय किया गया । इससे 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और इसके अलावा 65 लाख पेंशनधारियों को फायदा होगा  

इस तरह से 5 प्रतिशत वृद्धि से यह बढ़कर 17 प्रतिशत हो गया है । वित्‍त वर्ष 2019-20 (जुलाई 2019 से फरवरी 2020 तक 8 महीने की अवधि के लिए) में महंगाई भत्‍ते और महंगाई राहत के कारण सरकारी खजाने पर क्रमश: 15909.35 करोड़ रूपये और 10606.20 करोड़ रूपये का बोझ होगा। इससे केंद्र सरकार के लगभग 49.93 लाख कर्मचारी और 65.26 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे।इसमें कहा गया है कि महंगाई भत्‍ते में इस वृद्धि के कारण प्रतिवर्ष 8590.20 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष और मौजूदा वित्‍त वर्ष 2019-20 (जुलाई 2019 से फरवरी 2020 तक 8 माह के लिए) में 5726.80 करोड़ रूपये का अतिरिक्‍त बोझ पड़ने का अनुमान है। पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत के कारण प्रतिवर्ष 7319.15 करोड़ रूपये और मौजूदा वित्‍त में 4870 करोड़ रूपये का अतिरिक्‍त बोझ पड़ने का अनुमान है।

सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों/पेंशनभोगियों को महंगाई भत्‍ते/महंगाई राहत का भुगतान किया जाता है, ताकि वे वास्‍तविक मूल्‍य में ह्रास के कारण अपने रहन-सहन की लागत को पूरा कर सकें और अपने मूल वेतन/पेंशन को संरक्षित कर सकें। 1 जनवरी और 1 जुलाई से एक वर्ष में दो बार महंगाई भत्‍ते/महंगाई राहत को संशोधित किया जाता है।

Facebook Comments