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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 20 Feb 2023 5:40 PM |   711 views

उपेन्द्र कुशवाहा की राह जदयू से अलग

पटना -बिहार में राजनीतिक पारा जबरदस्त तरीके से गर्म है। 2 साल पहले नीतीश कुमार के साथ आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा अब बिहार के मुख्यमंत्री पर ही जबरदस्त तरीके से निशाना साध रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने तो साफ तौर पर कह दिया है कि आज से बाहर नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गलत रास्ते पर हैं।
 
कुशवाहा ने कहा कि हमने नीतीश कुमार के लिए सब कुछ दांव पर लगाया। लेकिन वह गलत रास्ते पर हैं। नए गठबंधन की बात भी हमने स्वीकार की। लेकिन गठबंधन में बाद में डील की बात आने लगी। मैंने नीतीश कुमार के ही पास नेतृत्व रखने की बात कही थी। 
 
उपेंद्र कुशवाहा ने पूरी तरीके से अपना रास्ता जदयू से अलग कर लिया है। जद (यू) के राष्ट्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने बिहार के मुख्यमंत्री और पार्टी नेता नीतीश कुमार के साथ कई दिनों तक चली अनबन के बाद एक नई पार्टी – राष्ट्रीय लोक जनता दल – की शुरुआत की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जदयू में आज बहुत बेचैनी है। मैं 2 साल पहले जदयू में आया था लेकिन अब नई राजनीतिक पारी शुरू कर रहा हूं। 2005 से नीतीश कुमार राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे थे।
 
उन्होंने अपने शाषण में अच्छा काम भी किया। लेकिन उन्होंने अंत बुरा कर दिया। अगर अंत में भला नहीं हुआ तो सब बुरा ही रहा। उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी कहा है कि नीतीश ने अपने शासन में अच्छा काम किया। बिहार के खौफनाक मंजर को खत्म किया। लोगों में अमन शांति कायम हुई। लेकिन अब वह स्थिति बदलने लगी हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीएम अपनी मनमर्जी नहीं कर रहे हैं, वे अब अपने आसपास के लोगों के सुझाव के अनुसार काम कर रहे हैं। वह आज अपने दम पर कार्रवाई करने में असमर्थ हैं क्योंकि उन्होंने कभी उत्तराधिकारी बनाने का प्रयास नहीं किया|

अगर नीतीश कुमार ने उत्तराधिकारी चुना होता, तो उन्हें एक के लिए पड़ोसियों की ओर देखने की जरूरत नहीं होती। आज उपेंद्र कुशवाहा की बैठक में नई पार्टी के गठन का राजनीतिक प्रस्ताव लाया गया है जो पारित हो गया है। 

इतना ही नहीं, प्रस्ताव में उपेंद्र कुशवाहा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की भी बात कही गई है। पार्टी का नाम, झंडा और कई जिम्मेदारियों के लिए भी उन्हें अधिकृत किया गया है। इस बैठक में कुशवाहा समाज की भागीदारी खूब दिखी। आपको बता दें कि नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के लिए समय-समय पर टकराव होती रही है।

2020 के विधानसभा चुनाव में अलग गठबंधन में चुनाव लड़ने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने बाद में जदयू में शामिल होना बेहतर समझा। हालांकि, पिछले 2 साल से वह किसी बड़े जिम्मेदारी के लिए इंतजार ही कर रहे हैं। उन्हें अब तक कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है। यही कारण है कि उपेंद्र कुशवाहा में नाराजगी बढ़ने लगी। हाल में ही नीतीश कुमार ने तेजस्वी को अपने विरासत सौंपने के बात कहीं, जिसको लेकर और विवाद बढ़ गया। 

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