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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 10 Aug 2022 6:21 PM |   747 views

जिलाधिकारी ने किया निर्माणाधीन औद्यानिक विकास केंद्र का निरीक्षण

देवरिया-जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आज अपराह्न भुजौली स्थित निर्माणाधीन औद्यानिक तकनीकी प्रसार केंद्र का औचक निरीक्षण किया। भवन में कई गंभीर तकनीकी खामियां मिली, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया भवन निर्माण मानक के अनुरूप उचित प्रतीत नहीं हो रहा है। शासकीय धन का दुरुपयोग करने वालों की जवाबदेही तय करके सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
जिलाधिकारी ने अपने निरीक्षण में पाया कि भवन का निर्माण निर्धारित मानक के अनुसार नहीं हुआ है। भवन की बाहरी दीवारों की प्लास्टर उबर खाबड़ एवं दीवारें सीधी नहीं है। भवन का निर्माण हुए अभी एक वर्ष भी नहीं बीता है और इसमें अभी से कई स्थानों पर दरारें दिखने लगी हैं। भवन के एप्रेन में अन्डुलेशन प्रतीत हो रहा है। शोकपीट का निर्माण कार्य नहीं हुआ है। सीढी के पहले राइजर की ऊंचाई 10 सेमी से ऊंची मिली, जो कि मानक के विरुद्ध है। भवन के अंदर की खिड़कियों की फिटिंग और भवन के अंदर प्रयोग की गई टाइल्स, प्लाई व दरवाजे भी प्रथम दृष्टया अधोमानक प्रतीत हो रहे हैं। परिसर में बनी नाली भी मानक के अनुरूप नहीं मिली। 
 
एक करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन उद्यान विभाग के औद्यानिक तकनीकी प्रसार केंद्र का निर्माण जुलाई 2021 में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लिमिटेड (यूपीसीएलडीएफ) द्वारा प्रारंभ किया गया था जिसे मार्च 2022 में पूर्ण करने का लक्ष्य था। अभी तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। इस तकनीकी प्रसार केंद्र के माध्यम से उद्यान संबंधित प्रशिक्षण का कार्य दिया जाना प्रस्तावित है। साथ ही इसी भवन में उद्यान विभाग का कार्यालय भी स्थानांतरित होना प्रस्तावित है।
 

जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भवन निर्माण के लिए लिए जिम्मेदार कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ के अधिशासी अभियंता एवं अन्य अधिकारियों द्वारा पर्यवेक्षण कार्य में लापरवाही बरती गई है।

 
जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई हेतु शासन को संस्तुति की जाएगी। शासकीय धन का दुरुपयोग किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आरके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सीताराम यादव सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।
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