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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 19 Feb 2026 8:45 PM |   142 views

“मीडिया बनाम सोशल मीडिया और युवा” विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया

कुशीनगर -युवा देश की ऊर्जा होते हैं। देश आर्थिक,सामाजिक और आध्यात्मिक प्रगति का आधार युवा हैं।युवाओं में रचनात्मकता, क्रियात्मकता और ऊर्जा होती है जिससे किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। भारत को स्वच्छ और विकसित बनाना है तो इसके युवाओं को आगे आना होगा। संचार क्रांति के बाद युवाओं के हाथ में मोबाइल और सोशल मीडिया के माध्यम से आज बड़ी ताकत आ गई है।वर्तमान समय में युवाओं ने नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन किया है।यह सोशल मीडिया की ताकत है।यह युवाओं की ताकत है।

उपरोक्त विचार एन एस एस विशेष शिविर के दूसरे दिन मुख्य अतिथि सुमित त्रिपाठी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा।उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का बहुत दुरूपयोग किया जा रहा है।हमे इससे बचना होगा।मीडिया ट्रायल से भी बचना होगा।

मुख्य वक्ता डॉ गौरव तिवारी ने बताया कि मीडिया का शाब्दिक अर्थ है माध्यम। यह शब्द अब समाचार माध्यमों के लिए रूढ़ हो गया है।अब यह उन सभी माध्यम के लिए प्रयोग होता है जो समाचार हम तक पहुंचाते हैं। प्राचीन मीडिया जिसे हम समाचार पत्र या टीवी माध्यम के रूप में जानते हैं उसमें प्रशिक्षित लोग काम करते थे।उसका एक लहजा तय होता था।उक्त माध्यम से प्रसारित खबरों के लिए संबंधित समाचार पत्र या व्यक्ति उसकी जिम्मेदारी लेता था।

वर्तमान सोशल मीडिया में अप्रशिक्षित लोगों की भरमार है।इसके साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरें अप्रमाणित और बहुधा तथ्यहीन होती है।सबसे बड़ी बात उसकी जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नहीं है।यही सोशल मीडिया का सबसे बड़ा अंधकार पक्ष है।यह प्रशिक्षण के अभाव के कारण होता है।इसमें भाषा और भंगिमा के स्तर पर कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है।यह स्वच्छंद है।यह स्वतंत्रता तो देता है लेकिन यह बेलगाम स्वतंत्रता नागरिक जीवन में अमर्यादित व्यवहार या विचार को प्रसारित करने की सुविधा भी देता है।इससे समाज जीवन की गरिमा गिरती है।

बौद्धिक सत्र की अध्यक्षता कर रहे डॉ दिनेश तिवारी ने बताया कि मोबाइल आपकी सभी बाते सुन रहा है।जिस विषय के बारे में आप चर्चा करते हैं उससे संबंधित बाते और विज्ञापन सोशल मीडिया दिखाना शुरू कर देता है।सोशल मीडिया के दुरुपयोग इस हद तक है कि कई बार यह दंगों और सत्ता तक कारण बना है जबकि जिस बात को लेकर आंदोलन हुआ वास्तविकता उससे भिन्न थी।इसने रिश्तों की गरिमा को तार तार किया है।इसने निःसंदेह दुनिया भर की सूचनाओं तक आपकी पहुंच सुनिश्चित की है।इसने सभी को स्वतंत्रता दी है।इसका दुरुपयोग और सदुपयोग हमारे हाथ में है।

कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेवक सिब्बु यादव ने किया। बौद्धिक सत्र के अतिथियों का परिचय एवं स्वागत कार्यक्रम अधिकारी डॉ निगम मौर्य ने किया। आज बौद्धिक सत्र का विषय “मीडिया बनाम सोशल मीडिया और युवा” रहा।

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