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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 5 Feb 2026 7:55 PM |   16 views

इन्द्री धाम के विकास से प्रयागराज का धार्मिक पर्यटन नई ऊंचाइयों को छुएगा-जयवीर सिंह

लखनऊ:उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पर्यटन विभाग ने प्रयागराज जनपद के फूलपुर क्षेत्र स्थित प्राचीन इंद्री धाम मंदिर के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण का निर्णय लिया है। स्कंद पुराण एवं दुर्गा सप्तशती में वर्णित मां इन्द्री के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को केंद्र में रखते हुए शासन स्तर से स्वीकृत कार्य योजना अंतर्गत 1.27 करोड़ रुपए की लागत से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा।
 
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीर्थराज प्रयाग स्थित मां इन्द्री धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां विशेष रूप से चौत्र एवं शारदीय नवरात्र के अवसर पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। नवरात्र के आठवें दिन देवी के महागौरी स्वरूप में भव्य श्रृंगार और विधिवत पूजन की परंपरा श्रद्धालुओं को अलौकिक अनुभूति कराती है। महाकुंभ और माघ मेला-2026 के दौरान भी प्रयागराज पहुंचने वाले श्रद्धालु इन्द्री धाम में दर्शन-पूजन करने पहुंचे।
 
पर्यटन विकास अंतर्गत ये होंगे कार्य-
फूलपुर स्थित पावन इंद्री धाम मंदिर को पर्यटन मानचित्र पर सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इस उद्देश्य के लिए पहली किस्त के रूप में 30 लाख रुपए की धनराशि जारी की गई है। परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आकर्षक एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, प्रवेश द्वार, श्रद्धालुओं के लिए यात्री शेड, स्टाम्प फ़्लोरिंग युक्त मार्ग, बैठने हेतु बेंच, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा, डस्टबिन, साइनेज तथा म्यूरल आर्ट जैसे कार्य किए जाएंगे।
 
इन्द्री धाम मंदिर है खास?
प्रयागराज में महर्षि दुर्वासा आश्रम के समीप स्थित इन्द्री धाम मंदिर को आनंदी मैया के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थल अत्यंत प्राचीन है, जहां भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से नवरात्रि के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं भी भारी भीड़ उमड़ती है। अब पर्यटन विकास के माध्यम से इस प्राचीन धार्मिक स्थल को आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है।
 
प्रयागराज पहुंचे रिकॉर्ड पर्यटक-
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि प्रयागराज आज धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर सशक्त पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में प्रयागराज में 69.14 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक शामिल रहे। संगम नगरी, घरेलू के साथ-साथ इनबाउंड टूरिज्म का हब बनकर उभरा है। ग्रामीण पर्यटन विकास से आगंतुकों को होम स्टे की भी सुविधा मिल रही है, जिससे स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर खोले हैं। विभाग का प्रयास है कि प्रदेश के कम चर्चित और अल्पज्ञात स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर उभारा जाए।
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