“भोजपुरी कला के बहाने”पुस्तक का लोकार्पण
नालंदा-भोजपुरी कला और संस्कृति पर केंद्रित वंदना श्रीवास्तव की आलोचनात्मक पुस्तक “भोजपुरी कला के बहाने” का लोकार्पण नव नालंदा महाविहार (सम विश्वविद्यालय, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), नालंदा में विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर आयोजित अकादमिक कार्यक्रम में संपन्न हुआ।पुस्तक का लोकार्पण जापान के सुप्रसिद्ध बौद्ध अध्ययन विद्वान एवं टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑव फॉरेन स्टडीज़ के प्रो. हीरोयुकी सातो, नव नालंदा महाविहार के कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह, प्रो. विश्वजीत कुमार, प्रो. हरे कृष्ण तिवारी तथा प्रो. रवींद्र नाथ श्रीवास्तव ‘परिचय दास’ के द्वारा किया गया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक भोजपुरी कला को लोक-संवेदना तक सीमित न रखते हुए उसके सौंदर्यबोध, वैचारिक संरचना और सांस्कृतिक गहराई को आलोचनात्मक दृष्टि से सामने लाती है।
वंदना श्रीवास्तव ने भोजपुरी चित्रकला, शिल्प और लोक-रंगों को जीवन और समाज से जुड़ी सजीव परंपरा के रूप में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक भोजपुरी सांस्कृतिक अध्ययन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में देखी जा रही है।
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