कनाडाई प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश में निवेश संभावनाओं में व्यक्त की रुचि
लखनऊ: कनाडियन हिंदू चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स (सीएचसीसी) के 24 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को इन्वेस्ट यूपी कार्यालय का दौरा किया तथा राज्य के विभिन्न उच्च-विकासशील क्षेत्रों में निवेश संभावनाओं में गहरी रुचि व्यक्त की।संस्थापक अध्यक्ष, नरेश कुमार चावड़ा के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने आतिथ्य, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी), आईटी एवं आईटीईएस, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, वस्त्र एवं परिधान क्षेत्रों में संभावित निवेश पर चर्चा की।
बैठक के दौरान इन्वेस्ट यूपी टीम ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए राज्य के निवेशक-अनुकूल परिवेश एवं सक्रिय सुविधा-प्रदाय तंत्र को रेखांकित किया। टीम ने नई परियोजनाओं एवं व्यवसाय विस्तार हेतु भूमि की उपलब्धता पर प्रकाश डालते हुए यह स्पष्ट किया कि राज्य बड़े पैमाने पर घरेलू एवं विदेशी निवेश को समाहित करने के लिए पूर्णतः तत्पर है।
इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को उत्तर प्रदेश के फोकस सेक्टर्स तथा 34 से अधिक निवेश-उन्मुख नीतियों के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों की विस्तृत जानकारी दी। इनमें एसजीएसटी प्रतिपूर्ति, फ्रंट-एंड लैंड सब्सिडी, कस्टमाइज़्ड प्रोत्साहन पैकेज तथा अन्य वित्तीय एवं गैर-वित्तीय लाभ सम्मिलित हैं। साथ ही, निवेशकों को निर्बाध मार्गदर्शन एवं त्वरित समाधान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी कार्यालय में समर्पित सेक्टोरल एवं कंट्री डेस्क की स्थापना के संबंध में भी अवगत कराया गया।
प्रतिनिधिमंडल को राज्य के प्रमुख औद्योगिक विकास केंद्रों एवं क्लस्टरों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें केमिकल एवं फार्मा पार्क, गोरखपुर में स्वीकृत प्लास्टिक पार्क तथा कन्नौज में स्थापित परफ्यूम पार्क सम्मिलित रहें। इसके अतिरिक्त गाजियाबाद, लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर एवं हापुड़ में विकसित फार्मा क्लस्टरों की जानकारी भी साझा की गई। अधिकारियों ने बुंदेलखंड औद्योगिक क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों को भी रेखांकित किया, जहां समर्पित औद्योगिक विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई है, साथ ही झांसी-ललितपुर एवं झांसी-ग्वालियर मार्गों के किनारे विकसित औद्योगिक क्षेत्रों के विषय में भी जानकारी दी गई।
बैठक के दौरान अन्य प्रमुख विनिर्माण क्लस्टरों, टेक्सटाइल पार्कों, डिफेंस कॉरिडोर, ईएसडीएम क्लस्टरों तथा अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी, कुशीनगर एवं श्रावस्ती के प्रमुख पर्यटन परिपथों पर भी चर्चा की गई। टीम ने सुशासन एवं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से संबंधित प्रमुख सुधारों पर प्रकाश डाला गया, जिनमें निवेश मित्र 3.0 पोर्टल, विभागीय अनुपालनों में कमी, लाइसेंसों का अपराधमुक्तिकरण तथा अप्रचलित अधिनियमों, नियमों एवं विनियमों की समाप्ति शामिल है।
इन्वेस्ट यूपी टीम ने जीसीसी, एफडीआई नीति, निवेश प्रक्रियाओं एवं पर्यटन अवसरों से संबंधित प्रतिनिधिमंडल द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर भी दिया। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि उत्तर प्रदेश में एफडीआई एवं फॉर्च्यून 500 कंपनियों के लिए पृथक नीतियाँ लागू हैं, जिनका उद्देश्य प्रतिस्पर्धी एवं पारदर्शी ढांचे के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करना है।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि राज्य सरकार एमएसएमई इकाइयों को सक्रिय रूप से सहयोग प्रदान कर रही है तथा उनके लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, जिससे लगभग 2.5 करोड़ परिवारों की आजीविका पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत पारंपरिक उत्पादों को ब्रांडिंग एवं वैश्विक स्तर पर प्रोत्साहन प्रदान किया गया है।
इन्वेस्ट यूपी की ’अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, प्रेरणा शर्मा’ ने सत्र का समापन सकारात्मक संदेश के साथ करते हुए कनाडाई निवेशकों से उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। सम्मान स्वरूप प्रतिनिधिमंडल को ओडीओपी स्मृति-चिह्न भेंट किए गए, जो राज्य की समृद्ध विरासत एवं सतत् आर्थिक साझेदारी के प्रति प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं।
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