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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 31 Dec 2025 7:38 PM |   306 views

फल प्रसंस्करण एवं संरक्षण से किसानों की आय दोगुनी करने की संभावनाएँ : डॉ. मंधाता

भाटपाररानी – कृषि विज्ञान केंद्र, देवरिया में जैम एवं जेली को संरक्षित करने के तरीकों पर आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को फलों एवं सब्जियों से मूल्य संवर्धन कर अतिरिक्त आय के अवसर उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केवीके प्रमुख डॉ. मंधाता सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि फल प्रसंस्करण एवं संरक्षण किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक प्रभावी माध्यम है। जैम, जेली जैसे मूल्य संवर्धित उत्पादों के माध्यम से किसान कच्चे फलों की अपेक्षा अधिक लाभ कमा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को घरेलू स्तर पर प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया तथा गुणवत्ता, स्वच्छता और बाज़ार से जुड़ाव पर भी जोर दिया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. कमलेश मीणा, विषय विशेषज्ञ (सस्य विज्ञान) ने फलों के चयन, उपज की गुणवत्ता, फसलोपरांत प्रबंधन एवं कच्चे माल की उपलब्धता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वय जय कुमार, विषय विशेषज्ञ (गृह विज्ञान) द्वारा किया गया। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान जैम एवं जेली संरक्षण की व्यावहारिक विधियों, स्वच्छता, पैकेजिंग तथा घरेलू स्तर पर उद्यम स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।

डॉ. अंकुर शर्मा, विषय विशेषज्ञ (पशु जैव प्रौद्योगिकी) ने प्रसंस्कृत उत्पादों में पोषण मूल्य, खाद्य सुरक्षा तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने पर अपने विचार साझा किए।

इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 26 किसानों ने भाग लिया, जिनमें 16 महिला एवं 10 पुरुष किसान शामिल थे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें स्वरोजगार एवं आयवर्धन के नए अवसर प्राप्त होंगे।

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