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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 25 Nov 2025 7:51 PM |   290 views

राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण हमारी राष्ट्रीय अस्मिता का प्रतीक-जयवीर सिंह

लखनऊ: विवाह पंचमी पर अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर आयोजित भव्य ध्वजारोहण समारोह को लेकर पावन नगरी भक्तिमय उल्लास में डूबी रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति वाले इस ऐतिहासिक आयोजन पर उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक आयोजन ने रामनगरी को दिव्यता के आलोक से आलोकित किया। संगीत, नृत्य, लोक कलाओं और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुनों के बीच 500 से अधिक कलाकारों ने मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुतियां दी।
 
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया कि अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर पर ध्वजारोहण समारोह हमारी आस्था, परंपरा और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। अयोध्या धाम अपनी प्राचीन परंपराओं, लोक कलाओं और धार्मिक आस्था को विश्व के सामने प्रस्तुत कर रही है। संस्कृति विभाग की ओर से 24 और 25 नवंबर को विभिन्न विधा के स्थानीय कलाकारों ने मनभावन प्रस्तुतियां दी।
 
प्रधानमंत्री के ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के मंत्र को साकार करते हुए अयोध्या के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग विधाओं की सांस्कृतिक झलकियां निरंतर गूंजती रहीं, जो शहर की प्राचीन परंपराओं को नए आयाम देती दिखाई दीं। ध्वजारोहण अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। अयोध्या धाम में अलग-अलग मंच पर ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों की विविध लोक परंपराओं का संगम देखने को मिला। मथुरा से मयूर लोक नृत्य, झांसी से राई लोक नृत्य, अयोध्या से फरुवाही, बधावा और करवाहा लोकनृत्य, लखनऊ से अवधि, सोनभद्र से करमा और बारह सिंहा, प्रयागराज से ढेढ़िया, आजमगढ़ से धोबिया, गोरखपुर से वनटांगिया लोकनृत्य में कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। प्रत्येक नृत्य शैली में 15 लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया।
 
लखनऊ स्थित भातखंडे संस्कृति महाविद्यालय की ओर से दक्ष कलाकारों ने शहनाई, सारंगी, पखावज, बांसुरी, सरोद और सितार की सुरमयी प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। इसके अलावा, सूफी गायन, भजन गायन, ब्रज के लोक गायन, भजन गायन (बैंड प्रस्तुति) ने भी उपस्थित जनों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट किया। गायन के प्रत्येक दल में 07 से 12 कलाकार रहे। ये संगीत साधक उन्नाव, मुज़फ्फरनगर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज सहित अन्य जनपद से रहे।
    
अयोध्या में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दौरान शास्त्रीय नृत्य शैली में कथक तथा विभिन्न लोक नृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की लोक-संस्कृति के विविध रंगों, परंपरा, संगीत, नृत्य और क्षेत्रीय लोककला का भव्य प्रदर्शन हुआ, जिसने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रभावशाली रूप से दुनिया के समक्ष प्रस्तुत किया।
 
संस्कृति विभाग की ओर से कलाकारों ने अयोध्या धाम के विभिन्न स्थानों पर प्रस्तुति दी, जिनमें महर्षि वाल्मीकि हवाई अड्डा, शंख चौराहा, एयरपोर्ट-सुल्तानपुर रोड चौराहा, भवदीय चौराहा, चूड़ामणि चौराहा, लता चौक, राम की पैड़ी प्रमुख रहे। ध्वजारोहण कार्यक्रम में सम्मिलित बड़ी संख्या में लोगों ने सांस्कृतिक आयोजन का आनंद लिया।
 
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अयोध्या धाम में विवाह पंचमी के अवसर पर श्री राम मंदिर पर ध्वजारोहण समारोह हमारी सनातन आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और राष्ट्रीय अस्मिता का अनुपम प्रतीक है। सांस्कृतिक संध्या में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए हमारे लोक कलाकारों, संगीत साधकों और नृत्य शैलियों ने अयोध्या की धरती को त्रेता युग का आभास दिया।
 
ब्रज, अवध, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और तराई के लोक रंगों ने यह सिद्ध किया है कि उत्तर प्रदेश की संस्कृति विविधता में एकता की हमारी अनादि परंपरा को आज भी उसी भव्यता से जीवित रखे हुए है।
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