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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 1 Nov 2025 5:16 PM |   246 views

नव नालंदा महाविहार में सतर्कता सप्ताह का शुभारंभ,कुलपति ने दिलाई सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा

नव नालंदा महाविहार, नालंदा में सतर्कता सप्ताह का शुभारंभ कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह के मार्गदर्शन में हुआ।  
 
कार्यक्रम का आरम्भ सतर्कता समिति के संयोजक एवं विश्वविद्यालय के सतर्कता अधिकारी प्रो. रवींद्र नाथ श्रीवास्तव “परिचय दास” के विचारपूर्ण वक्तव्य से हुआ। उन्होंने कहा कि सतर्कता केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि ज्ञान-संस्थानों की नैतिक संस्कृति का अंग है। विश्वविद्यालय का कर्तव्य है कि वह सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और प्रशासनिक शुचिता के विचार को अपने कर्म में रूपांतरित करे।
 
उन्होंने सतर्कता की अवधारणा को प्राचीन नालंदा की शैक्षणिक परंपरा, अनुशासन और नैतिक ध्येयों से जोड़ते हुए कहा कि समाज के लिए शिक्षण-संस्थान तभी अनुकरणीय बनते हैं, जब वे स्वयं निष्पक्षता और ईमानदारी के प्रतिमान स्थापित करते हैं।
 
इसके पश्चात कुलपति प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने “सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा” सभी उपस्थितों को दिलाई। उन्होंने अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति और उसकी विश्वसनीयता, सत्य और शुचिता पर आधारित होती है। सतर्कता सप्ताह का मूल उद्देश्य केवल भ्रष्टाचार-विरोध नहीं बल्कि स्व–अनुशासन, संस्थागत नैतिकता और जिम्मेदार प्रशासन की संस्कृति को पुष्ट करना है।
 
उन्होंने विश्वविद्यालय परिवार से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत जीवन और संस्थागत कार्य में पारदर्शिता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्तरदायित्व को आधार बनाएं।
 
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के संकाय व सतर्कता समिति के सदस्य डॉ. राजेश मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि सतर्कता सप्ताह हमें बार-बार यह स्मरण कराता है कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का स्थल नहीं बल्कि चरित्र-निर्माण और समाज को दिशा देने का केंद्र है।
 
उन्होंने कुलपति , संयोजक, उपस्थित प्राध्यापकों, गैर शैक्षणिक स्टाफ एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार प्रकट किया तथा कहा कि इस अभियान को केवल औपचारिकता न मानकर, जीवनशैली में परिवर्तित करने की आवश्यकता है।
 
आचार्य, गैर-शैक्षणिक स्टाफ, शोधार्थी एवं छात्रगण बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने शपथ लेकर ईमानदारी, पारदर्शिता और संस्थागत मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया।
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