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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 7 Nov 2023 5:14 PM |   428 views

महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य किए जाने के विरोध में भूख हड़ताल पर उतरी जेल में बंद नरगिस मोहम्मदी

नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी का नाम इन दिनों सुर्खियों में है. नरगिस मोहम्मदी ईरान की गिरफ्तार जेल में बंद हैं. जहां से उन्होंने महिलाओं के हक को लेकर आवाज उठाते हुए भूख हड़ताल करने का फैसला किया है. नरगिस मोहम्मदी ने अपने साथ ही जेल में बंद दूसरी कैदियों को चिकित्सा सुविधा देने से रोकने साथ ही देश में महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य किए जाने के विरोध में भूख हड़ताल पर जाने का फैसला किया है.

दरअसल जेल में बंद नरगिस मोहम्मदी की तबीयत नासाज है. ऐसे में उन्हें चिकित्सा सुविधा की जरूरत है, लेकिन ईरान के जेल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल ले जाने से महज इसलिए मना कर दिया, क्योंकि नरगिस ने अस्पताल जाने के लिए हिजाब पहनने से मना कर दिया था. इसके विरोध में उन्होंने अब जेल में ही भूख हड़ताल शुरू कर दी है.

नरगिस मोहम्मदी को रिहा कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान फ्री नरगिस मोहम्मदी के एक कार्यकर्ता ने नरगिस के परिवार के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि नरगिस ने एविन जेल से एक संदेश भेजकर अपने परिवार को बताया कि वो भूख हड़ताल पर कर रही हैं|

नरगिस दिल और फेफड़े की समस्याओं से जूझ रही हैं, जिसको लेकर वो और उनके वकील काफी समय से अस्पताल में भर्ती कराए जाने की मांग कर रहे हैं| इधर कुछ दिन पहले नरगिस से परिवार ने भी उनकी बीमारी के बारे में जानकारी दी थी| इसके बावजूद सिर्फ हिजाब न पहनने की वजह से ईरान जेल प्रशासन ने उन्हें अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया|

परिवार के दिए बयान के हवाले से बताया जा रहा है कि भूख हड़ताल पर बैठी नरगिस जेल में सिर्फ पानी, चीनी और नमक ले रही हैं, उन्होंने दवाइयां लेने से साफ इनकार कर दिया है| उनका कहना है कि अगर जेल में बंद नरगिस को कुछ भी होता है तो इसके लिए इस्लामिक राष्ट्र जिम्मेदार होगा|

खबर के मुताबिक नरगिस मोहम्मदी जेल में दो चीजों को लेकर विरोध कर रही हैं| पहली जेल में बंद बीमार कैदियों के इलाज में देरी, उन्हें सुविधाएं न देने की ईरान की नीति, जिसकी वजह से कैदियों की मौत हो रही है, इसके साथ ही नरगिस का दूसरा विरोध ईरानी महिलाओं के लिए हिजाब अनिवार्य करने की नीति के खिलाफ है|

इधर नॉर्वे की नोबेल समिति ने नरगिस मोहम्मदी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की है. समिति के प्रमुख बेरित रीज एंडरसन का कहना है कि महिला कैदियों अस्पताल में भर्ती कराने के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य करना अमानवीय और नैतिक रूप से अस्वीकार्य है| इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नरगिस ने जेल के हालात को बयां करने के लिए ऊख हड़ताल शुरू की है| नार्वे नोबेल समिति ने ईरान प्रशासन से नरगिस समेत दूसरी महिला कैदियों के फौरन जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने की गुजारिश की है|

गौरतलब है कि एक महीने पहले ही नरगिस मोहम्मदी को उनके सालों पुराने अभियान के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया गया था| नरगिस मोहम्मदी सरकार के हिजाब अनिवार्य करने के फैसले के खिलाफ अभियान चला रही हैं| जिस पर ऐतराज जताते हुए ईरान की सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है|

आपको बता दें नरगिस मोहम्मदी एक मानवाधिकार कार्यकर्ता हैं, उनके पति तगी रहमानी भी एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं| वो भी कई बार जेल जा चुके हैं| नरगिस मोहम्मदी पिछले 30 सालों से लोगों के हितों के लिए अपनी आवाज बुलंद करती आई हैं| यही वजह है कि उन्हें कई बार गिरफ्तारी का सामना भी करना पड़ा| विरोध प्रदर्शन के चलते उन्हें 154 कोड़े मारने की सजा भी सुनाई भी सुनाई जा चुकी है| उनके खिलाफ और भी मामले चल रहे हैं|

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