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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 5 Sep 2022 5:50 PM |   636 views

शिक्षक समाज का शिल्पी भी है और दर्पण भी: डॉ रमापतिराम त्रिपाठी

देवरिया-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार से सम्मानित किया।
 
उक्त कार्यक्रम का विकास भवन के गांधी सभागार में सजीव प्रसारण किया गया जिसे सदर सांसद डॉ रमापति राम त्रिपाठी, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, बीएसए आदि द्वारा देखा गया। संबोधन के पश्चात राज्य शिक्षक पुरस्कार 2021 प्राप्त करने वाली शिक्षिका मनोरमा द्विवेदी को सम्मानित किया गया।
 
सांसद डॉ रमापति राम त्रिपाठी ने देश के द्वितीय राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का शिल्पी एवं दर्पण होता है। समाज के ज्ञान का स्तर, व्यक्तित्व निर्माण, आचरण एवं व्यवहार शिक्षक पर ही निर्भर करता है। चाणक्य-चंद्रगुप्त, रामकृष्ण परमहंस-विवेकानंद, कृष्ण केशव अंबेडकर-बाबा साहब आदि गुरु-शिष्य परंपरा के कुछ ऐसे उदाहरण हैं, जिन्होंने समाज की दिशा ही बदल दी।
 
उन्होंने समस्त शिक्षकों को श्रेष्ठ शिक्षकों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। साथ ही राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित खुर्शीद आलम एवं राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित कंपोजिट विद्यालय इचौना, सलेमपुर की अध्यापिका मनोरमा द्विवेदी को बधाई दी।
 
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हम सभी के सफलता में किसी न किसी शिक्षक की भूमिका अवश्य रही है। शिक्षकों के मेहनत का ही प्रतिफल है कि आज लोग विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा कर रहे हैं। जनपद में कई श्रेष्ठ अध्यपक हैं जो कई चुनौतियों से जूझते हुए न्यूनतम साधनों में अपना सर्वस्व त्यागकर बच्चों की जिंदगी सँवारने का काम कर रहे हैं।
 
 राज्य शिक्षक पुरस्कार 2021 से सम्मानित अध्यापिका मनोरमा द्विवेदी ने अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि 29 साल के अध्यापन के कैरियर में उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन, वे बच्चों को पढ़ाने के लक्ष्य से कभी डिगी नहीं।
 
 इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, बीएसए हरिश्चंद्रनाथ, सत्येंद्र मणि त्रिपाठी समेत कई लोग मौजूद थे।।
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