Wednesday 22nd of July 2026 06:20:13 AM

Breaking News
  • कांग्रेस का धरना ख़त्म ,हिरासत में राहुल गाँधी ,प्रियंका और अखिलेश |
  • दिल्ली प्रोटेस्ट में घायल बच्चों की मदद के लिए केजरीवाल का बड़ा ऐलान -मेडिकल और लीगल हेल्प का वादा |
  • मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित किया समान नागरिक संहिता विधेयक |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 25 Apr 2022 7:08 PM |   1247 views

शांति पुंज की स्थापना का उद्देश्य मनुष्य का आंतरिक रूपांतरण- डॉ चिन्मय

कुशीनगर -शांति पुंज की स्थापना का उद्देश्य मनुष्य का आंतरिक रूपांतरण रहा है। व्यावसायिक वृत्ति मनुष्य के केन्द्र में है। आंतरिक रूपांतरण इस वृत्ति से हमें बचाता है।
 
उक्त बातें बुद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुशीनगर में अपने स्वागत समारोह में गायत्री परिवार के सह संयोजक और देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ चिन्मय पांड्या ने कही। 
 
उन्होंने कहा कि मानवता की दृष्टि से सबसे भयानक समय चल रहा है। मनुष्य अपनी आस्था, मनुष्यता संस्कृति आदि के साथ जीवन के उद्देश्य को भुलाकर बैठा है। घर और बटुए बड़े हो गए हैं किंतु परिवार और मनुष्यता छोटे होते जा रहे हैं। जिस शारिरिक सुख भोग के लिए मनुष्य दौड़ रहा है वह शरीर भी अब मनुष्य का साथ नहीं दे रही। बिमारिया गणना से अधिक हो गई हैं।
 
मन भी इतना अपवित्र हो गया है कि उसकी शुद्धता की कल्पना कठिन है। खुशियां कृत्रिम हो गई है। इसका कारण वातावरण का विषाक्त हो जाना है। प्रकृति ही नहीं विचारों का वातावरण भी विषाक्त हो गया है।
 
मैक्सिम गोर्की की कहानी “सिक्स फिट अंदर ग्राउंड ” का जिक्र किया और मनुष्य की तृष्णा की पराकाष्ठा को समझाया और कहा कि हमारी प्रत्येक समस्या का कारण यही है। उन्होंने आज के समय में गायत्री मंत्र को प्रत्येक समस्या का समाधान बताया।
 
कार्यक्रम की अध्यक्षता उप जोनल संयोजन गोरखपुर प्रभाशंकर दुबे ने किया।जिला संयोजक और महाविद्यालय के संयुक्त सचिव डॉ दयाशंकर तिवारी ने स्वागत किया।
 
आभार ज्ञापन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सिद्धार्थ पाण्डेय ने किया।कार्यक्रम का संचालन डॉ गौरव तिवारी ने किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ निगम मौर्य और व्यवस्था डॉ त्रिभुवन त्रिपाठी ने किया।इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य डॉ अमृतांशु कुमार शुक्ल,डॉ सीमा त्रिपाठी,डॉ अनुज कुमार आदि मौजूद रहे।
 
इस अवसर पर कुशीनगर,देवरिया और गोरखपुर से गायत्री परिवार बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।
Facebook Comments