Tuesday 13th of January 2026 02:56:29 PM

Breaking News
  • देवरिया में चला बुलडोजर,अवैध मजार ध्वस्त |
  • आर सी पी सिंह की जदयू में होगी वापसी मकर संक्रांति के बाद ,बोले -नीतीश कुमार और हम एक ही हैं|
  • मकर संक्रांति पर योगी सरकार का बड़ा फैसला , 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश का ऐलान |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 13 May 2021 5:42 PM |   464 views

ब्रिक्स देशों के बीच पहली ब्रिक्स रोजगार कार्यसमूह (ईडब्लूजी) की बैठक

 नईदिल्ली -श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने पहली ब्रिक्स रोजगार कार्यसमूह की बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक 11-12 मई, 2021 को वर्चुअल रूप में सुषमा स्वराज भवन में आयोजित हुई। भारत ने इसी साल ब्रिक्स का अध्यक्ष पद संभाला है। चर्चा में ब्रिक्स देशों के बीच सामाजिक सुरक्षा समझौतों को प्रोत्साहन देने, श्रम बाजारों को आकार देने, श्रमशक्ति के रूप में महिलाओं की भागीदारी और श्रम बाजार मेंघंटे या पार्ट-टाइम के हिसाब से काम करने वालों (गिग) तथा किसी संगठन से जुड़कर काम करने वालों (प्लेटफॉर्म) केरोजगार के मुद्देशामिल थे।

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) तथा अंतर्राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा एजेंसी (आईएसएसए) के प्रतिनिधियों ने भी अपनी बात रखी और एजेंडा पर सुझाव दिये। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में विशेष सचिव श्रीमती अनुराधा प्रसाद, संयुक्त सचिव  आरके गुप्ता, संयुक्त सचिव एवं श्रमिक कल्याण महानिदेशक  अजय तिवारी, संयुक्त सचिव सुश्री कल्पना राजसिंहोट और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निदेशक रूपेश कुमार ठाकुर शामिल थे।

सामाजिक सुरक्षा समझौते पर सदस्य देशों ने प्रतिबद्धता व्यक्त की कि आपस में संवाद और चर्चा की जायेगी और समझौतों पर हस्ताक्षर करने की दिशा में कदम बढ़ायेंगे। आईएसएसए और आईएलओ ने अपनी तरफ से इन समझौतों को अमली जामा पहनाने के लिये हर तरह का तकनीकी सहयोग देने की रजामंदी व्यक्त की। सदस्य देशों ने इस बात पर भी जोर दिया कि आगे चलकर इस विषय पर एक बहुस्तरीय प्रणाली बनाई जाये। सामाजिक सुरक्षा समझौते से अंतर्राष्ट्रीय मजदूरों को बाहरी देशों में मिलने वाले लाभ को अपने देश में स्थानांतरित करने में सुविधा होगी। इस तरह उनकी मेहनत की कमाई में कोई नुकसान नहीं होगा। इसके अलावा, मजदूरों को अपने वतन और काम करने वाले देश, दोनों जगह टैक्स आदि देने से छूट मिल जायेगी।

श्रम बाजार को आकार देने के हवाले से सदस्य देशों ने रोजगार और कोविड-19 महामारी के दौरान जोखिम के मद्देनजर विभिन्न उपायों पर गौर किया।

श्रमशक्ति के रूप में महिलाओं की भागीदारी के हवाले से सदस्य देशों ने प्रतिबद्धता जाहिर की कि महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन दिया जाये और उन्हें सम्मान के साथ काम करने की सुविधा मिले। इसके साथ अनौपचारिक क्षेत्र की महिला मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा कवच भी दिया जाये। महिलाओं की भागीदारी पर कोविड-19 के प्रभाव पर भी चर्चा की गई।

गिग और प्लेटफार्म कामगरों और श्रम बाजार में उनकी भूमिका के मुद्दे पर सदस्य देशों ने गौर किया कि डिजिटल लेबर प्लेटफार्म किस तरह आगे बढ़ रहा है और उसने दुनिया में श्रम प्रक्रिया को पूरी तरह बदल डाला है। इन कामगारों के सामने आने वाली चुनौतियों और विभिन्न उपायों पर भी सदस्य देशों ने चर्चा की, जिसमें सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को विस्तार देने का मुद्दा भी शामिल था।

चर्चा अत्यंत खुले और अनौपचारिक माहौल में हुई। सदस्य देशों और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने न सिर्फ अपने द्वारा उठाये गये कदमों और उत्कृष्ट व्यवहारों को साझा किया, बल्कि अपनी चिंताओं और चुनौतियों पर भी चर्चा की।

Facebook Comments