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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 31 Dec 2019 6:48 PM |   2033 views

हैप्पी न्यू ईयर

हम सभी एक दुसरे को 1st जनवरी को हैप्पी न्यू ईयर / नव वर्ष की शुभकामना देते हैं |किन्तु क्या कभी आपने सोचा है की हमलोग ऐसा क्यू करते है ? इसके पीछे कौन सा इतिहास है ? कोई भी पर्व अपने अन्दर ऐतिहासिक घटनाओं , परम्पराओं , खगोलीय घटनाक्रमों और पौराणिक विश्वासों को संजोये रहता है |नया साल का पर्व भी कुछ इसी प्रकार के तथ्यों पर आधारित है | 

मान्यता है कि jones के नाम पर रोम के बादशाह जुलियस सीजर द्वारा निर्मित कैलेंडर का प्रथम माह जनवरी से प्रारंभ होता है |यह कैलेंडर 45 वर्ष ई . पूर्व बना था तब से आज तक 1st जनवरी को नया साल का पर्व मनाया जाता है |

नव वर्ष के सम्बन्ध को एक खगोलीय घटनाक्रम से जोड़कर भी देखा जाता है |31 दिसम्बर को पृथ्वी और सूर्य एक दुसरे के सबसे नजदीक होते हैं |31 दिसम्बर को सबसे छोटा दिन होता है |1st जनवरी से दिन काफी बड़ा होता चला  जाता है इसलिए 1सत जनवरी को नव वर्ष का प्रारंभ मन जाता है |भारत में लगभग 12 कैलेंडर प्रचलित हैं , लेकिन चैत्र मॉस के प्रथम दिवस को नव वर्ष का प्रारंभ माना जाता है |

नवागत का स्वागत एक पवित्र परम्परा है |इसके स्वागत का तरीका भी मानवीय मूल्यों और सामाजिक आदर्शो के अनुरूप ही होना चाहिए |

                  ( लेखक –  नरसिंह )   

 

 

 

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