By :
Nishpaksh Pratinidhi
| Published Date :
12
Feb
2026
8:05 PM
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सलेमपुर -आज राजकीय महिला महाविद्यालय सलेमपुर देवरिया में राष्ट्रीय सेवा योजना के पंचम दिवस के प्रथम सत्र में मिलेट्स और पोषण विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि कृषि विज्ञान केंद्र महुआबारी , देवरिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ मांधाता सिंह और डॉ कमलेश मीणा रहे ।
डॉ कमलेश मीणा ने मिलेट्स ( श्री अन्न / मोटा अनाज ) पर अपने विचार रखे । उन्होंने कहा कि आज आधुनिक युग में है मोटे अनाजों को अपने खाने में कम प्राथमिकता देते हैं जिसकी वजह से तमाम बीमारियां हमें कम उम्र में ही होती जा रही हैं। जैसे मधुमेह , हृदय संबंधित रोग , मोटापा और कैंसर आदि । यदि हम अपने भोजन में मोटे अनाजों को संतुलित मात्रा में प्रयोग करते हैं तो हमारे शरीर को गेहूं और चावल के अपेक्षा ज्यादा मात्रा में प्रोटीन फाइबर आयरन कैल्शियम मिल जाएगा| जो हमें ऊर्जावान तो बनाए रखेगा साथ ही साथ हमें आधुनिक बीमारियों से बचाव भी करेगा। मोटे अनाजों में मुख्य रूप से ज्वार, बाजारा,कोदो कुटकी, सावा इन्होंने अपनी बात विस्तार से रखी ।
डॉ मांधाता सिंह ने अपने व्याख्यान में कहा कि “जय जवान जय किसान “ का नारा देकर हमने किसानों का खाद्यान्न तो बढ़ा लिया किंतु अपनी थाली में गुणवत्ता युक्त भोजन गायब कर दिया। जिसका परिणाम यह हुआ कि हम कम उम्र में ही बीमारियों के शिकार होते जा रहे हैं पोषण युक्त भोजन न मिलने की वजह से हमारा पेट तो भर जाता है लेकिन शरीर को जरूरी पोषक तत्व की प्राप्ति नहीं होती है |इन्होंने कहा की हर रोज की डाइट में अनाज ,दालें , हरी सब्जियां, दूध और डेयरी उत्पाद शामिल करें। जंक फूड अधिक मीठे पी पदार्थ और पैकेज स्नैक्स से हमें बचना चाहिए । अपने भोजन में हमें कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन,वसा , मिनरल्स का सही अनुपात होना चाहिए। हमें कोशिश करना चाहिए कि दिन भर में छोटे-छोटे मिल लेते रहे ताकि शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहे। मांधाता ने अपने व्याख्यान पीपीटी के माध्यम से प्रेषित किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ अभिषेक कुमार अपने व्याख्यान में कहे की मोटे अनाज न केवल हमारी पारंपरिक भोजन का हिस्सा रही है बल्कि आज उन्हें आधुनिक समय का सुपर फूड भी माना जाता है। मोटे अनाजों में गेहूं और चावल की तुलना में कहीं अधिक फाइबर, प्रोटीन और खनिज पाए जाते हैं इन मोटे अनाजों के प्रयोग से हम मधुमेह हृदय संबंधित रोगों से काफी हद तक दूर रह सकते हैं।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता प्रो. हरीश कुमार ने किया। द्वितीय सत्र का विषय मतदाता जागरूकता था। उन्होंने कहा कि मतदान हमारा कर्तव्य ही नहीं अधिकार भी है चाहे हम किसी भी संस्कृति या धर्म से हो हमारा पहला कर्तव्य मतदान करना होता है| हर भारतीय को लोकतंत्र में विश्वास रखते हुए अपने देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और स्वतंत्र निष्पक्ष शांतिपूर्ण ढंग से मतदान में अवश्य भाग लेना चाहिए।
डॉ कमला यादव ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान की भूमिका महत्वपूर्ण होती है मतदाता को बिना किसी प्रलोभन या लालच के अपने मत का प्रयोग करना भी मतदाता जागरूकता के अंतर्गत आता है। इसलिए नए मतदाताओं की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण हो गई है।
डॉ जनार्दन झा ने कहा कि लोकतंत्र में संविधान की भूमिका महत्वपूर्ण है वह संविधान हमें मतदान का अधिकार देता है।
डॉ योगेंद्र सिंह ने कहा कि प्रत्येक मतदाता के हाथ में अपने देश को मजबूत करने की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक गण , कर्मचारी और छात्राएं उपस्थित रहे ।