Friday 28th of August 2026 05:30:01 PM

Breaking News
  • रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं|
  • अमित ठाकरे की कैब ड्राइवरों को चेतावनी ,कहा मराठी नहीं बोली तो होगी पिटाई |
  • नेपाल बाढ़ में मृतकों की संख्या 469 पहुचीं ,1400 से ज्यादा लोग लापता |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 10 Feb 2026 7:17 PM |   145 views

मधुमक्खी पालन से ग्रामीण युवा बनें उद्यमी : डॉ. मांधाता सिंह

भाटपाररानी -कृषि विज्ञान केंद्र (भाकृअनुप-भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी) मल्हना, देवरिया में आर्या परियोजना के तहत मधुमक्खी पालन पर चल रहे पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मांधाता सिंह ने बताया कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सोने की खान है। उन्होंने बताया कि शहद के साथ मोम, प्रोपोलिस जैसे उत्पादों से कम निवेश में लाखों की कमाई संभव है।

सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. कमलेश मीना ने मधुमक्खी प्रजातियों, एपीआई बॉक्स स्थापना और फसल परागण पर प्रकाश डाला। उन्होंने समझाया कि यह खेती की उत्पादकता 20-30% बढ़ाता है।

गृह विज्ञान विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षण समन्वयक जय कुमार ने शहद प्रसंस्करण का प्रदर्शन किया। उन्होंने बाजार लिंकेज सिखाया और समझाया कि यह आय वृद्धि व जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देता है।

पशु जैव प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ डॉ. अंकुर शर्मा ने मधुमक्खी रोग प्रबंधन और मौसमी देखभाल पर विशेष व्याख्यान दिया।

अभिषेक सिंह, मनीष मौर्य, पूजा यादव, शालिनी राजभर सिंह सहित 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

Facebook Comments