डिपो प्रभारी निलंबित, अनियमितता पर “जीरो टॉलरेंस” नीति
बलरामपुर -विगत दिनों विभिन्न समाचार पत्रों/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया/सोशल मीडिया पर जनपद में राज्य भंडारण निगम के भंडारगृह (एस.डब्ल्यू.सी.) खुटेहना से संबंधित एक न्यूज/वीडियो वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में कथित रूप से भंडार गृह में भंडारित खाद्यान्न (गेहूं) के स्टॉक के ऊपर पाइप से पानी डाला जा रहा था, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता/भंडारण मानकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की गई।
प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम (अयोध्या/देवीपाटन मंडल) तथा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, बलरामपुर द्वारा संयुक्त जांच की गई। संयुक्त जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों/स्थितियों का परीक्षण किया गया तथा मौके पर निरीक्षण करते हुए संबंधित कार्मिकों से पूछताछ भी की गई।
संयुक्त जांच में केंद्र/डिपो प्रभारी त्रियुगी नारायण शुक्ल की भूमिका संदिग्ध एवं उत्तरदायी पाई गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि भंडारित गेहूं स्टॉक का वजन बढ़ाने के उद्देश्य से चट्टों पर जानबूझकर पानी डाला गया।
यह कृत्य भंडारण के मानक नियमों एवं कार्यप्रणाली के प्रतिकूल है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता प्रभावित होने की संभावना रहती है। प्रकरण में केंद्र प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्यवाही की संस्तुति की गई।
जांच समिति की संस्तुति के क्रम में प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम, लखनऊ द्वारा त्रियुगी नारायण शुक्ल (डिपो प्रभारी, एस.डब्ल्यू.सी. खुटेहना) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि खाद्यान्न भंडारण में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस प्रकार की अनियमितताओं पर शून्य सहनशीलता की नीति के तहत त्वरित एवं कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।
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