गोरखपुर रेलवे स्टेशन का 141 वर्ष पूरा
गोरखपुर- गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन के 141 वर्ष पूरा होने पर 15 जनवरी, 2026 को स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर गोरखपुर स्टेशन के रेलकर्मियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।
गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन पूर्वी उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, जो 15 जनवरी, 1885 को अपनी स्थापना से आज तक निरन्तर उच्च स्तरीय यात्रा सेवायें दे रहा है।
वर्ष 1981 में छपरा से मल्हौर तक का आमान परिवर्तन पूर्ण हुआ और गोरखपुर जं. बड़ी लाइन के माध्यम से देश के अन्य महानगरों से जुड़ा। वर्ष 2004 में यहाँ दोहरीकरण का कार्य सम्पन्न हुआ। गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन का यार्ड रिमॉडलिंग 06 अक्टूबर, 2013 को पूर्ण हुआ। इसी के साथ गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म विश्व का सबसे लम्बा प्लेटफॉर्म बना था। वर्तमान में यह विश्व का दूसरा सबसे लम्बा प्लेटफॉर्म है। यहाँ पर उन्नत यात्रा सुविधायें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यह स्टेशन गोरखपुर एवं आस-पास के जनपदों सहित नेपाल के लोगों को भी अपनी सेवायें दे रहा है तथा पूर्वोत्तर रेलवे यहाँ प्रतिदिन लगभग एक लाख यात्रियों को अपनी सेवायें दे रहा है। गोरखपुर जं. रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर रू0 498.97 करोड़ की लागत से किया जा रहा है। मल्टी लेवल कार पार्किंग तथा कामर्शियल ब्लॉक का कार्य अंतिम चरण में है।मुख्य स्टेशन भवन का निर्माण तीन पार्ट में किया जायेगा, जिसमें पहले पार्ट पर कार्य चल रहा है, दूसरे एवं तीसरे पार्ट का कार्य करने हेतु यू.टी.एस. काउंटर्स को शिफ्ट किया जाना है, जिसके लिए नया शेड बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। नए फुट ओवर ब्रिज बनाने के कार्य में तेजी लायी जा रही है। द्वितीय प्रवेश द्वार पर स्टेशन भवन बनाने हेतु कार्य प्रगति पर है, लॉन्ड्री हटाने के बाद इस कार्य में तेजी आयेगी।
प्लेेटफार्म संख्या-9 के निकट स्थित लॉन्ड्री की सुविधा को स्थानांतरित करने हेतु एक नई भवन का निर्माण हो चुका है। स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूरा होने पर इसे एक भव्य स्वरूप दिया जायेगा, जो कि सांस्कृतिक विरासत एवं आधुनिकता को समेटे हुए होगा।
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