Tuesday 22nd of September 2026 12:39:47 AM

Breaking News
  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जमीन फर्जीवाड़ा और मनी लोंद्रिंग मामले में 21 सितम्बर को पीएमएलए कोर्ट में पेशी |
  • भारत और अमेरिकी सेनाओ का साझा युद्धाभ्यास जारी , ड्रोन और एआई पर फोकस |
  • ODOP से काशी की मशहूर लौंगलता मिठाई को मिल रही नई पहचान |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 10 Jan 2026 7:16 PM |   281 views

बाल श्रमिक विद्या योजना से बदली राह, काम छोड़ स्कूल पहुंचे बच्चे

कानपुर नगर-प्रदेश सरकार की बाल श्रमिक विद्या योजना कानपुर नगर में बाल श्रम उन्मूलन और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस परिणाम दे रही है। योजना के माध्यम से ऐसे बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, जो कभी बाल श्रम करने को मजबूर थे और जिनके माता-पिता दिवंगत हैं, दिव्यांग हैं अथवा परिवार में आजीविका का कोई स्थायी सहारा नहीं था। अब यही बच्चे स्कूल की दहलीज पार कर कक्षा आठ, नौ और दस तक की पढ़ाई कर रहे हैं।
 
योजना के तहत बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है। बालकों को एक हजार रुपये प्रतिमाह और बालिकाओं को बारह सौ रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि सीधे खाते में दी जाती है। इसके साथ ही कक्षा आठ, कक्षा नौ अथवा हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण करने पर छह हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाती है, जिससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति निरंतरता बनी रहे।
 
कानपुर नगर में इस योजना के अंतर्गत कुल 100 बच्चों का चयन किया गया है। अप्रैल से दिसंबर माह की अवधि में 72 बच्चों को कुल 5 लाख 49 हजार 400 रुपये की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है, जबकि शेष लाभार्थियों का भुगतान प्रक्रियाधीन है। चयनित बच्चों में 33 बालिकाएं और 39 बालक शामिल हैं। इनमें 9 बच्चे कक्षा आठ, 14 कक्षा नौ और 13 बच्चे कक्षा दस में अध्ययनरत हैं, जबकि अन्य बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए तैयार किया जा रहा है।
 
योजना के अंतर्गत पात्र बच्चों का चयन श्रम विभाग द्वारा मौके पर जाकर सत्यापन और निरीक्षण के बाद किया जाता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे। योजना से लाभान्वित कक्षा नौ में पढ़ रहे राहुल ने बताया कि पहले उसे मजदूरी करनी पड़ती थी, लेकिन अब वह नियमित रूप से स्कूल जा पा रहा है। वहीं कक्षा आठ की छात्रा पूजा का कहना है कि आर्थिक सहायता से उसकी पढ़ाई आसान हो गई है और अब वह आगे भी पढ़ना चाहती है।
 
सहायक श्रमायुक्त रामलखन पटेल ने बताया कि सरकार की स्पष्ट मंशा है कि कोई भी बच्चा बाल श्रम में न लगे और हर बच्चा शिक्षा से जुड़े। इसी उद्देश्य से निरीक्षण के बाद पात्र बच्चों का चयन किया जाता है। उन्होंने कहा कि दिसंबर तक 72 बच्चों को भुगतान किया जा चुका है और शेष लाभार्थियों को भी शीघ्र योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
Facebook Comments