Wednesday 4th of November 2026 03:26:44 AM

Breaking News
  •  4 नवम्बर को बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन गोरखपुर आयेंगे |
  • कर्नाटक में दिवाली पर रात 8 बजे से 10 तक ही ग्रीन पटाखे जलाने का आदेश |
  • 200 करोड़ की वसूली केस में नोरा फतेही को दिल्ली कोर्ट का समन,6 नवम्बर को पेशी |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 5 Dec 2025 8:40 PM |   363 views

नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) को 1.91 करोड़ रूपये से सजाया और संवारा जा रहा है- जयवीर सिंह

लखनऊ: लखनऊ में स्थित नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान में ईको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा 1.91 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत जू परिसर में कई विकासात्मक काम तेज़ी से किए जा रहे हैं।यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी।
 
उन्होंने बताया कि परियोजना का उद्देश्य जू को अधिक आकर्षक, पर्यावरण-संगत और बच्चों के लिए अनुकूल बनाना है। इसी क्रम में हाल ही में बच्चों के मनोरंजन के लिए आकर्षक झूले (किड्स प्ले इक्विपमेंट) लगाए गए हैं, जिससे यहां आने वाले परिवारों और स्कूली बच्चों के लिए अनुभव् और अधिक मनोरंजक व रोचक हो गया है। ये झूले सुरक्षित, मॉडर्न डिज़ाइन और अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखकर स्थापित किए गए हैं।
 
मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक इस पूरे विकास कार्य का मकसद लखनऊ जू को ईको-टूरिज़्म और परिवारिक मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बनाना है। इन सुविधाओं के पूरा होने के बाद चिड़ियाघर का स्वरूप और आकर्षक होगा, जिससे शहर के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि होने की संभावना है।
 
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि “नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान लखनऊ शहर की पहचान है और इसे हम आधुनिक ईको-टूरिज़्म मॉडल के रूप में विकसित कर रहे हैं। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि यहां आने वाले बच्चों, परिवारों और पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित और प्रकृति के करीब रहने वाला वातावरण मिले। 1.91 करोड़ रुपये की स्वीकृत परियोजना के माध्यम से आकर्षक झूले, बांस से बने फर्नीचर सेट, नए साइनेज और वाटर कूलर जैसी सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं।
 
हमारा लक्ष्य है कि लखनऊ जू को एक ऐसा हरित, पर्यावरण-संगत और विश्वस्तरीय गंतव्य बनाया जाए, जहाँ मनोरंजन के साथ-साथ प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण का संदेश भी मजबूती से पहुँच सके।”
Facebook Comments