उत्तम स्वास्थ्य के लिए पोषण वाटिका जरूरी : जय कुमार
भाटपाररानी -भाकृअनुप–भारतीय सब्ज़ी अनुसंधान संस्थान, कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना (देवरिया) द्वारा अनुसूचित जाति उप-योजना अन्तर्गत पाँच दिवसीय कौशल विकास प्रशिक्षण एवं कृषि निवेश वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम मालीबारी में किया गया। यह कार्यक्रम 24 नवम्बर से 28 नवम्बर तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ. कमलेश मीना, विशेषज्ञ सस्य विज्ञान ने वैज्ञानिक विधि से पोषण वाटिका स्थापित करने की तकनीक, मौसमी सब्ज़ियों के चयन, उचित पौध दूरी, बीज उपचार, जैविक खाद के प्रयोग तथा सिंचाई प्रबंधन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने बताया कि पालक, मेथी, धनिया, गोभी, लौकी, बैंगन, टमाटर, मिर्च आदि विविध सब्ज़ियों को शामिल कर संतुलित आहार एवं पोषण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री जय कुमार, विशेषज्ञ गृह विज्ञान ने पोषण वाटिका की अवधारणा, परिवार में पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका तथा घर के आसपास कम लागत में सब्ज़ी उत्पादन की विभिन्न वैज्ञानिक विधियों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
उन्होंने बताया कि पोषण वाटिका स्थापित कर परिवार वर्षभर ताज़ी एवं रसायन मुक्त सब्ज़ियाँ उगा सकता है, जिससे परिवार का स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है और खाद्य सुरक्षा भी बेहतर होती है। प्रशिक्षण में कुल 25 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जिनमें रमेश प्रसाद, प्रदीप भारती, आरती देवी, उषा देवी सहित अन्य कृषक एवं कृषक महिलाएँ शामिल रहीं।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य अनुसूचित जाति के किसानों एवं ग्रामीण परिवारों को पोषण सुरक्षा, कौशल विकास तथा कृषि आधारित आजीविका संवर्द्धन हेतु सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण के उपरांत प्रतिभागियों को आवश्यक कृषि निवेश सामग्री भी प्रदान की जाएगी, ताकि वे अपने घरों में पोषण वाटिका स्थापित कर सकें।
