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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 29 Oct 2025 2:09 PM |   466 views

भारत और नेपाल ने विद्युत क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ किया

नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री कुलमन घीसिंग ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत और आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। बैठक में दोनों देशों के बीच विद्युत क्षेत्र में जारी सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा हुई।

नेपाल में जलविद्युत परियोजनाओं के विकास की प्रगति सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय ग्रिड कनेक्टिविटी पहलों पर भी विचार-विमर्श किया, जिसका उद्देश्य सीमा पार बिजली व्यापार को सुगम बनाना, ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करना और भारत तथा नेपाल के बीच स्वच्छ ऊर्जा संसाधनों के व्यापक एकीकरण को बढ़ावा देना है।

मनोहर लाल और कुलमन घीसिंग की उपस्थिति में, भारत के महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) पावरग्रिड और नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के बीच संयुक्त उद्यम और शेयरधारक समझौतों (जेवी एंड एसएचए) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते उच्च क्षमता वाले सीमा पार विद्युत पारेषण अवसंरचना के विकास हेतु दो संयुक्त उद्यम संस्थाओं – एक भारत में और एक नेपाल में- के गठन के लिए हैं।

प्रस्तावित सीमा-पार पारेषण प्रणाली परियोजनाओं में इनारुवा (नेपाल) – न्यू पूर्णिया (भारत) 400 केवी डबल सर्किट (क्वाड मूस) पारेषण लिंक और लमकी (डोडोधारा) (नेपाल) – बरेली (भारत) 400 केवी डबल सर्किट (क्वाड मूस) पारेषण लिंक का विकास शामिल है।

पूरा होने पर, ये पारेषण गलियारे भारत और नेपाल के बीच बिजली के आदान-प्रदान को काफ़ी बढ़ाएंगे, क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेंगे, ग्रिड की क्षमता में सुधार लाएंगे और दोनों देशों में सतत आर्थिक विकास में योगदान देंगे।

आज की बैठक भारत-नेपाल ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग को सुदृढ़ करती है, जो दशकों पुराने राजनयिक संबंधों और सतत विकास एवं ऊर्जा सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।

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