Thursday 22nd of October 2026 04:13:07 PM

Breaking News
  •  दुनिया के सबसे भीषण खसरे के प्रकोप का सामना कर रहा बांग्लादेश-WHO|
  • जमुई में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा ,हथियार बनाने के उपकरण बरामद |
  • लखनऊ में पुलिकर्मियों को योगी सरकार की सौगात , भत्तों में बढ़ोत्तरी का ऐलान|
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 5 May 2024 5:51 PM |   1059 views

बच्चों को उल्टी दस्त हो तो करें उपाय, देते रहें ओआरएस का घोल

                                          फाइल फोटो 
देवरिया – बदलते मौसम में नवजात और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति खास तौर पर सतर्क रहने की आवश्यकता है। इसे देखते हुए सभी आशा, एएनएम, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और सरकारी अस्पतालों पर ओआरएस के पर्याप्त इंतजाम किये गये हैं। बच्चों को उल्टी दस्त की दिक्कत हो तो तुरंत नजदीकी अस्पताल के चिकित्सक को दिखाएं और सुविधा का लाभ लें। चिकित्सक द्वारा लिखी गयी दवा के साथ साथ बच्चे को ओआरएस का घोल भी देते रहें।
 
सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) डॉ राजेश झा ने यह जनपद वासियों से अपील करते हुए बताया कि मई और जून माह में हीटवेव (लू) का असर रहता है।  इस मौसम में होने वाली बीमारियों से बचाव और नियंत्रण के आवश्यक उपाय स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं। ब्लॉक स्तर पर इलाज की समुचित व्यवस्था के लिए ओआरएस और आईवी फ्ल्यूड का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध करा दिया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाओं की आपूर्ति भी सुनिश्चित करा दी गई है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
 
सीएमओ ने बताया कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल आने के लिए दो साल तक के बच्चों को 102 नंबर एम्बुलेंस और इससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए 108 नंबर एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि ओआरएस घोल और जिंक टेबलेट दस्त से बच्चों के जीवन की रक्षा करते हैं। ओआरएस के एक पैकेट को एक लीटर पीने के पानी में घोल बनाकर रखना है जो समय-समय पर बच्चे की आयु के हिसाब से निर्धारित मात्रा में देना है। 
 
एम्बुलेंस में भी ओआरएस का इंतजाम- 
 
 एम्बुलेंस सेवा के प्रोग्राम मैनेजर श्याम सुन्दर कनौजिया ने बताया कि जिले में 108 नंबर की 35 और 102 नंबर की 38 एम्बुलेंस वर्तमान में क्रियाशील हैं । प्रचंड गर्मी और हीट वेब को देखते हुए इन सभी एम्बुलेंस में ओआरएस के इंतजाम किये गये हैं। बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर एम्बुलेंस को कॉल करें। यह नजदीकी सरकारी अस्पताल पर पहुंचाएगी।
Facebook Comments