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By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 18 Mar 2024 4:38 PM |   602 views

अधिवेशन में बोले कृषि वैज्ञानिक- मोटे अनाजों का उपयोग बड़ा वरदान

बायोवेद रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (ब्रियाट्स) प्रयागराज में दो दिवसीय किसान  अधिवेशन में कृषि वैज्ञानिकों ने मोटे अनाज की उपयोगिता पर जोर दिया। शनिवार को अधिवेशन का शुभारंभ किया गया।

भारत में मोटे अनाज की संभावना बनाम समस्या, चुनौती और अवसर विषय पर मौजूदा दौर में मोटे अनाज की उपयोगिता पर जोर दिया गया। कहा गया कि बिगड़ते स्वास्थ्य और बिगड़ते पर्यावरण के गंभीर संकट से जूझते हुए लोगों के लिए मोटे अनाज का उपयोग बड़ा वरदान है। इन विसंगतियों से बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं। किसान खेतों में मोटे अनाज की पैदावार बढ़ाएं। आने वाले समय में इसका उपयोग तेजी से बढ़ने वाला है।

26 वीं कृषि वैज्ञानिक एवं किसान अधिवेशन कार्यक्रम में हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिले से कई कृषि वैज्ञानिक एवं शोध छात्र आए। खास बात यह रही कि अधिवेशन में बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं भी मौजूद रहीं।

बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉo नरेंद्र कुमार सिंह गौर ने मोटे अनाज की खेती पर जोर दिया। केंद्र सरकार द्वारा इस बारे में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से चर्चा भी की। लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉo केबी पाण्डेय ने पारंपरिक खेती में मोटे अनाज की पैदावार का विस्तार से जिक्र किया। कहा, खेती में महिलाओं की घटती भागीदारी चिंताजनक है।

पूर्व प्रोफेसर शुआटस डॉ जेपी श्रीवास्तव ने कहा कि हरित क्रांति ने मोटे अनाज के महत्त्व को बताया , लेकिन अब इसका बढ़ता महत्त्व समय की मांग है।

बिहार प्रांत के केंद्रीय कृषि विश्व विद्यालय समस्तीपुर से आये प्रोo एलएम यादव ने टिकाऊ खेती में मोटे अनाज की खेती को शामिल करने का सुझाव दिया। स्टेट एडवाइजर (एफपीओ सेल) डॉ पीएस ओझा ने एफपीओ के जरिए मूल्य संवर्धन इकाई की स्थापना को उपयोगी बताया।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्व विद्यालय अयोध्या के पूर्व प्रोफेसर एवं बायोवेद के प्राचार्य डॉo रवि प्रकाश मौर्य ने मोटे अनाजों की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखा। डा.मौर्य को कृषि में कीट प्रबंधन कार्य हेतु BIOVED GEMS OF INDIA AWARD -2024 प्रदान किया गया।

बायोवेद के उपाध्यक्ष डॉo एसएस त्रिपाठी ने भी विचार रखे। डॉ एसएस यादव ने संचालन किया। कृषि वैज्ञानिक एवं बायोवेद के निदेशक डॉo बीके द्विवेदी ने आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर कई प्रदेशों से आए एफपीओ के उत्पादों के स्टाल आकर्षण के केंद्र बने रहे। उत्कृष्ट उत्पाद के लिए सुल्तानपुर के किसान जमील अहमद, अमेठी के किसान इंद्रजीत यादव, लाख उत्पाद के लिए प्रयागराज की किरन पाण्डेय, सैदाबाद के किसान टीएन मिश्र, सहारनपुर के किसान संजय सैनी को सम्मानित किया गया।

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