Sunday 6th of September 2026 08:10:20 AM

Breaking News
  • सर्वोच्च न्यायालय ने नीट पेपर लीक विरोधी प्रदर्शनों की FIR रद्द करने का आदेश दिया |
  • गोरखपुर में 2027 में बड़ी जीत के लिए बीजेपी ने शुरू की तैयारी|
  • चंदौली में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार |
Facebook Comments
By : Nishpaksh Pratinidhi | Published Date : 23 Feb 2024 4:57 PM |   418 views

रविदास ने समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया – योगेन्द्र पाण्डेय

गोरखपुर -सरस्वती शिशु मंदिर (10+2)पक्की बाग गोरखपुर में संत रविदास जी की जयंती मनाई गई। जिसमें विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य संस्कार केंद्र प्रमुख योगेंद्र पाण्डेय ने कहा कि।संत रविदास का जन्म माघ मास की पूर्णिमा को रविवार के दिन 1433 को हुआ था । इसलिए हर साल माघ मास की पूर्णिमा तिथि को रविदास जयंती के रूप में मनाया जाता है ।
 
रविदास जी का जन्म 15वीं शताब्दी में उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक मोची परिवार में हुआ।उनके पिताजी जाति के अनुसार जूते बनाने का पारंपरिक पेशा करते थे, जोकि उस काल में निम्न जाति का माना जाता था| लेकिन अपनी सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद भी रविदास भक्ति आंदोलन, हिंदू धर्म में भक्ति और समतावादी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उजागर हुए। 15 वीं शताब्दी में रविदास जी द्वारा चलाया गया भक्ति आंदोलन उस समय का एक बड़ा आध्यात्मिक आंदोलन था।
 
समाज के लिए गुरु रविदास एक महान संत और समाज सुधारक थे। भक्ति, सामाजिक सुधार, मानवता के योगदान में उनका जीवन समर्पित रहा।भक्ति और ध्यान में गुरु रविदास का जीवन समर्पित रहा। उन्होंने भक्ति के भाव से कई गीत, दोहे और भजनों की रचना की, आत्मनिर्भरता, सहिष्णुता और एकता उनके मुख्य धार्मिक संदेश थे। हिंदू धर्म के साथ ही सिख धर्म के अनुयायी भी गुरु रविदास के प्रति श्रद्धा भाव रखते हैं।
 
समाज सुधार में भी गुरु रविदास का विशेष योगदान रहा। इन्होंने समाज से जातिवाद, भेदभाव और समाजिक असमानता के खिलाफ होकर समाज को समानता और न्याय के प्रति प्रेरित किया। गुरु रविदास जी ने शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और अपने शिष्यों को उच्चतम शिक्षा पाने के लिए प्रेरित किया। अपने शिष्यों को शिक्षित कर उन्होंने प्रेरित किया। मध्यकाल की प्रसिद्ध संत मीराबाई भी रविदास जी को अपना आध्यात्मिक गुरु मानती थीं।
 
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ राजेश सिंह ने कहा कि व्यक्ति जन्म से नहीं कर्म से महान होता है ।संत रविदास उसी संतों में से एक हैं जिन्होंने समाज को एवं देश को एक नई दशा एवं दिशा देने का कार्य किया ।इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
Facebook Comments