सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर द्वारा जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण
कुशीनगर-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर श्री प्रभात सिंह द्वारा आज जिला कारागार देवरिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जनपद कुशीनगर से सम्बन्धित कुल 828 बन्दी निरुद्ध पाए गए। इनमें 89 सिद्धदोष बन्दी (85 पुरुष एवं 04 महिला), 726 विचाराधीन बन्दी (669 पुरुष एवं 26 महिला), 31 अल्पवयस्क बन्दी, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के अन्तर्गत 05 पुरुष बन्दी, 06 सिविल बन्दी तथा 02 विदेशी बन्दी शामिल हैं। जेल में निरुद्ध महिला बन्दियों के साथ 03 बच्चे भी निवासरत पाए गए।निरीक्षण के दौरान कारागार की बैरकों, पाकशाला, चिकित्सालय एवं महिला बैरक का गहन निरीक्षण किया गया। बन्दियों के भोजन, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था एवं उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता की स्थिति की समीक्षा करते हुए जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि जेल मैनुअल के अनुरूप बन्दियों को भोजन, नाश्ता एवं अन्य सुविधाएं समय से उपलब्ध कराई जाएं।
सचिव द्वारा बन्दियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई, जिस पर बन्दियों ने किसी प्रकार की समस्या न होने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन बन्दियों के पास अधिवक्ता नहीं है, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान विचाराधीन बन्दियों से मिलकर उनके प्रकरणों की स्थिति जानी गई तथा जो बन्दी रिहाई के पात्र पाए गए, उनके संबंध में आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की गई।
कारागार स्थित लीगल एड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया गया तथा वहां कार्यरत पीएलवी को निर्देशित किया गया कि बन्दियों को समय से विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी बन्दी को निःशुल्क अधिवक्ता, जेल अपील अथवा अन्य किसी प्रकार की विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो उनके प्रार्थना-पत्र तैयार कर जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कुशीनगर को प्रेषित किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान आशीष रंजन (जेल अधीक्षक), राजकुमार (कारापाल), डॉ. राहुल त्रिपाठी एवं डॉ. हरिपाल विश्वकर्मा (चिकित्साधिकारी), ज्ञानप्रकाश पाल, गीता रानी, अम्बरीश कुमार, शिवनाथ पाण्डेय एवं सुरेन्द्र प्रताप (उप कारापाल) उपस्थित रहे।
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