डॉ0 संजुला सिंह “संजू” “मातृभाषा रत्न” मानद उपाधि से नवाजी गईं
जमशेदपुर (झारखंड ) शहर की निवासी डॉo संजुला सिंह “संजू” जी को “शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन” नेपाल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस 21 फरवरी के अवसर पर उन्हें साहित्य के क्षेत्र में मातृभाषा सेवा के लिए किए गए कई उल्लेखनीय कार्यों का मूल्यांकन करते हुए संस्था के द्वारा उन्हें “मातृभाषा रत्न” मानद उपाधि सम्मान से आज सम्मानित किया गया । इसके पहले भी संजू को कई और भिन्न – भिन्न मानद उपाधि सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।साहित्य के क्षेत्र में संजू जी ने अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया है। अपनी विशिष्ट लेखनी से उन्होंने बड़े ही न्यूनतम समय में अपनी एक खास पहचान बनाई है; जो उनकी कड़ी मेहनत , लग्न और साहित्य के प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाती है। अक्सर उनकी रचनाएं समाज की कुरीतियों पर करारा प्रहार करती है तथा लोगों को सकारात्मक दिशा दिखाती है।
हर विधाओं में लेखन करते हुए भी उनका मूल लक्ष्य समाज हित और प्रेरणा प्रदान करना रहा है । अक्सर उनकी रचनाएं देश – विदेश के पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रहती हैं ।
भारत के प्रमुख समाचार पत्रों में से एक “पंजाब केसरी” के द्वारा 2023 में आयोजित श्रीराम भजन प्रतियोगिता में भी उन्होंने अपना एक विशिष्ट स्थान बनाया जिसमें उन्हें पुरस्कृत भी किया गया । इसी तरह कई ऑनलाइन, ऑफलाइन मंचों से भी उन्हें अनगिनत सम्मान प्राप्त हुए हैं ।
संजू की एक पुस्तक भी 2024 में “अभिव्यक्ति” (काव्य संग्रह ) प्रकाशित हो चुकी है|जिसे पाठकों ने बहुत पसंद किया और दूसरी पुस्तक “अंतर्मन की व्यथा” बहुत जल्द पाठकों के समक्ष प्रकाशित होकर आने वाली है ।वरिष्ठ कवयित्री और लेखिका होने के साथ- साथ वे एक अनुशासन प्रिय, जागरुक और जिम्मेदार पत्रकार भी हैं, जिनकी लेखनी सदैव सत्य, संवेदना और सामाजिक चेतना का प्रतिनिधित्व करती है ।
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