चना की फसल में फली छेदक कीट से रहे सावधान
चना की फसल में इस समय फूल फली बन रहा है। इस अवस्था में सबसे हानिकारक कीट फली छेदक का प्रकोप हो सकता है। प्रो. रवि प्रकाश मौर्य ने बताया कि यह कीट फलियों में छेद कर दानों को खाता है। जिससे फलियों खोखली हो जाती है। इस कीट की सूड़ी का आधा भाग फलियों में आधा भाग बाहर रहता है। इस कीट के नियंत्रण के लिए प्रति हेक्टेयर की दर से 12 सेक्स फेरोमोन ट्रैप 30-30 मीटर की दूरी पर लगाएं। जो पौधों के ऊचाई से 1 फीट ऊचा होना चाहिए।
नीम आधारित कीटनाशक का छिड़काव करें या एन.पी.वी. (न्यूक्लियर पॉलीहाइड्रोसिस वायरस) 250 एल.ई.को 300-400 लीटर पानी में घोल हेक्टेयर की दर से विशेषकर शाम के समय छिड़काव करें ।
खेत में पक्षियों के बैठने के लिए T-आकार की खूंटियां 35-40 प्रति हेक्टेयर में लगाएं।
कीट का प्रकोप अधिक होने पर इमामेक्टिन बेंजोएट 5 एस.जी.100 ग्राम या इंडोक्साकार्ब 14.5 एस.सी. 500 मिली को 500-600 लीटर पानी में घोल कर प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
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